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बिन ‘सिग्नल’ घूमते ‘यमराज के दूत’

जालंधर. पीछे रिफ्लैक्टर न होने की वजह से शहर की मुख्य सड़कों पर घूम रहे अधिकतर वाहन लोगों के लिए यमराज के दूत साबित हो रहे हैं। शहर में होने वाले अधिकांश सड़क हादसों को यही वाहन अंजाम देते हैं। नतीजन, लोगों को जान से हाथ धोना पड़ता है।

केवल जून माह में ही अब तक हुए सड़क हादसों में 23 लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि 42 लोग घायल हुए हैं। 4 जून को गांव बादशाहपुर के पास सिलैंडरों से भरे ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे का कारण ट्रक के पीछे रिफ्लैक्टर न होना व कोई संकेत चिन्ह न लगा होना था।

इतना सब होते हुए ट्रैफिक पुलिस और जिला परिवहन कार्यालय की कारगुजारी पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं। ऐसे वाहन ज्यादातर रात के समय, बारिश में और धुंध में यमराज के दूत साबित होते हैं।

इन वाहनों में मुख्य जीटी रोड पर चल रहे थ्री-व्हीलर, भीतरी इलाक ोंमें चल रहीं ट्रैक्टर ट्रालियां और टैंपू शामिल हैं, जो ट्रैफिक पुलिस के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। यह वही ट्रैफिक पुलिस है जो गलत साइड से आ रहे वाहन चालकों के चालान काट कर यातायात नियमों को सख्ती से लागू करवाने का दावा करती है।

एक मुख्य कारण यह भी
ज्यादातर वाहन चालक यूपी, एमपी व बाहरी राज्यों से आए होने के कारण न तो उनके पास ड्राईविंग लाइसैंस होता है और न ही उन्हें ट्रैफि क नियमों की जानकारी होती है। काम-धंधा न होने के कारण वे ठेकेदारों के पास मजदूरी करने लग जाते हैं। सामान कस्टमर तक पहुंचाने व मालिक का हुक्म मानने के लिए उन्हें मजबूरन ड्राइविंग करनी पड़ती ही है।

इन बातों का रखे ध्यान
* बारिश व धुंध में ड्राइविंग के दौरान इंडीकेटर ही इस्तेमाल करें।
* वाहन को सड़क के किनारे खड़ा करें और इंडीकेटर जला कर रखे।
* बरसात में तेज ड्राईविंग न करें, सीट बैल्ट बांध कर रखे।
* ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन न सुने।
* तेज रफ्तार में ओवरटेक न करें और डिप्पर का इस्तेमाल करें।

>> बिना रिफ्लैक्टर लगे वाहन चालकों के समय-समय पर चालान काटे जाते हैं। इस दौरान उन्हें अगली बार के लिए चेतावनी भी दी जाती है। यदि वाहन चालकों ने वाहनों में संकेत चिन्ह न लगवाए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कौशल, एसपी ट्रैफिक





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