जालंधर/अमृतसर.
दमदमी टकसाल द्वारा बुधवार को अमृतसर-दिल्ली रेलमार्ग रोकने के कार्यक्रम के मद्देनजर राज्य में जहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, वहीं मंगलवार को भी बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ प्रदर्शन हुए।
जालंधर में लोगों ने बशीरपुरा फाटक पर पठानकोट से आ रही पैसेंजर ट्रेन (4 जेएमपी) को रोककर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन को फाटक पर दस मिनट तक रोके रखा। प्रदर्शनकारियों ने डेरा मुखी का पुतला फूंका और उसके खिलाफ नारेबाजी की। लोगों की मांग थी कि राम रहीम को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
उधर, खालसा एक्शन कमेटी ने दमदमी टकसाल के कार्यक्रम को समर्थन देकर सरकार की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। इसके अलावा श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी और दमदमी टकसाल (अमरीक सिंह) की ओर से भी अभियान में सहयोग देने की घोषणा की गई है। सत्कार कमेटी के प्रमुख बलबीर सिंह मुछल का कहना है कि जब तक राम रहीम की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
खुफिया विभाग ने जानकारी दी
सूत्रों के अनुसार सरकार को अंदेशा है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विरोधी समझे जाने वाले कट्टरपंथी सिख नेता मुलुंड गोलीकांड के मुद्दे को तूल देकर राज्य के हालात खराब कर सकते हैं। खुफिया विभाग ने इस बारे में सरकार को सूचित किया है। दमदमी टकसाल को अन्य कट्टरपंथी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।
अंदर की बात तो यह भी है कि कुछ अकाली नेता भी इन कट्टरपंथी नेताओं के संर्पक में हैं जिन्होंने मामले को तूल न देने का आग्रह किया था। सरकार के लिए यह मामला अब गले की फांस बन गया है क्योंकि अगर सरकार सख्ती से काम लेती है तो इन नेताओं को यह कहने का मौका मिल जाएगा कि बादल पंथ के दुश्मन हैं।
सरकार अगर नरम पड़ती है तो राज्य की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। अकाली नेताओं को प्रदर्शनों से खुद को दूर रखने को कहा गया है। अकाली नेताओं को यह कहा गया है कि वे यह कोशिश करें कि कट्टरपंथी नेता हिंसा न कर पाएं।
सिखों के भेष में आईएसआई के एजैंट कर सकते हैं हालात खराब
खुफिया एजैंसियों को इस बात का डर है कि आईएसआई के निर्देश पर कश्मीरी आतंकी सिखों का भेष धारण कर प्रदर्शनकारियों में शामिल होकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
>> दमदमी टकसाल के कार्यक्रम को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालात खराब करने का प्रयास करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। रेल पटरियों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
एनपीएस औलख, डीजीपी पंजाब