कुआलालंपुरतमाम विवादों से घिरी भारतीय हॉकी टीम एक और मुसीबत में फंस गई जिससे चकित होना स्वाभाविक है। आरोप है कि अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट में भारत ने मलेशिया को भले ही 2-1 गोल से हरा दिया था, लेकिन वह मैच फिक्स था। यह मैच इसी साल 17 मई को खेला गया था। इस घटना को लेकर हल्ला तब मचा जब स्थानीय मलय मेल अखबार ने एक रिपोर्ट छापी जिसमें आरोप लगाया गया कि भारत के खिलाफ मलेशिया के कई हॉकी खिलाड़ी बिके हुए थे।
मलेशिया हॉकी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। अब देखना है कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन क्या दिशा-निर्देश देता है। हांलाकि एफआईएच ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में हम अनजान हैं, लेकिन यदि जांच होती है तो जांच रिपोर्ट आने के बाद हम कार्रवाई करेंगे। मलेशिया हॉकी फेडरेशन ने निजी तौर पर भी जांच शुरू कर दी है। मलेशियाई अखबार के अनुसार मलेशिया के चीफ कोच सरजीत सिंह और उनके सहायक कोच के अलावा कई खिलाड़ियों को पुलिस थाने में अपना पक्ष रखते हुए देखा गया है।
आरोप गलत: सरदार सिंह
सोनीपत. भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
उनका कहना था कि टीम ने अपने दम पर मैच जीते थे। मैच फिक्सिंग के आरोप मनगढ़ंत है। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। अगर कोई एजेंसी इसकी जांच करना चाहे तो टीम इसके लिए भी तैयार है। टीम के पूर्व प्रशिक्षक बलदेव सिंह ने कहा कि हॉकी संघ या हॉकी खिलाड़ियों के पास इतने पैसे ही नहीं हैं कि वे मलेशिया टीम के खिलाड़ियों को खरीद सकें। मलेशिया के खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबले ज्यादा अमीर हैं। हॉकी टीम पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।