बीकानेर.
सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के चुनाव की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। कुल 148 उम्मीदवारों ने नामांकन भरे हैं। जांच के बाद सभी फार्म सही मिले हैं। सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान एक जुलाई को होगा।
भंडार ने शहर के 55 वार्डो में 31 निर्वाचन क्षेत्र बनाए हैं। इनमें करीब दस हजार 491 मतदाता 40 सदस्यों को चुनेंगे। संचालक मंडल का गठन होगा, जिसमें 11 संचालक चुने जाएंगे। इनमें से अध्यक्ष का चुनाव होगा।
शहर के निर्वाचन क्षेत्रों से जीतने वाले 40 सदस्यों में से छह सदस्य चुने जाएंगे। इसमें एक सीट महिला और एक अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। तीन डायरेक्टर प्राथमिक उपभोक्ता भंडार के चुने जाएंगे। इसमें एक सीट अनुसूचित जाति व दो सामान्य की है।
इसी प्रकार ग्रामीण सहकारी समितियों से भी दो डायरेक्टर चुने जाएंगे। तब जाकर यह 11 डायरेक्टरों का संचालक मंडल बनेगा। निर्वाचन अधिकारी रणवीरसिंह ने बताया कि करीब 300 फार्म बिके थे लेकिन जमा 148 ही हुए।
जांच के बाद सभी फार्म सही पाए गए हैं। नाम गुरुवार को दोपहर दो बजे तक वापस ले सेकेंगे है। उसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। विदित रहे भंडार में चुनाव की प्रक्रिया 1963 में शुरू हुई थी। रोशनलाल कोचर पहले अध्यक्ष चुने गए थे। निर्वाचन की यह प्रक्रिया 1995 तक चली। करणपालसिंह 1991 से 1998 तक लगातार दो बार अध्यक्ष रहे।
नामांकन के लिए गहमागहमी रही
सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के चुनाव के लिए बुधवार को भंडार परिसर में काफी गहमागहमी रही। नामांकन भरने का समय दोपहर 12 बजे तक था लेकिन 12.30 बजे तक भी नामांकन स्वीकार किए गए। देर से पहुंचे सदस्यों ने शोर शराबा भी किया। करीब तेरह साल बाद हो रहे चुनाव को लेकर सदस्यों को काफी उत्साह था। चुनाव को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता भी पूरी तरह सक्रिय नजर आए।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता करणपालसिंह, महेन्द्र कल्ला, सुशील थिरानी, सुनील धतरवाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके अलावा विरोधी गुट के दुलीचंद गहलोत भी अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी के समर्थक भी पूरी तरह सक्रिय थे। पार्षद विश्वजीतसिंह हरासर कीर्ति स्तंभ स्थित अपने कार्यालय से तमाम गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।
भाटी समर्थक भाजपा नेता श्यामसिंह हाडला, दौलतसिंह, शंभू गहलोत, अनिल शर्मा, शंकर माली सहित कई लोग भंडार में मौजूद थे। इसके अलावा भाजपा नेता शशि शर्मा, मांगीलाल डूडी, राजकुमार जोशी की उपस्थिति से माहौल गरमाया हुआ था। लोकजन शक्ति पार्टी के मोहम्मद रमजान मुगल, बसपा के केदार गहलोत भी भंडार पहुंचे। महिलाओं और कई पाषर्दो ने भी फार्म भरे हैं।
एक भी निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित नहीं
सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के चुनाव के नियम विधानसभा और लोकसभा चुनाव से काफी अलग हटकर है। भंडार ने शहर के 55 वार्डो को 31 निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित कर रखा है लेकिन एक भी क्षेत्र महिला, अजा व अजजा के लिए आरक्षित घोषित नहीं है, जबकि संचालक मंडल की सीटें आरक्षित हैं।
सदस्य बनाने के साथ ही बन जाती है रणनीति
भंडार के सदस्य बनाने के साथ ही चुनाव की रणनीति भी बन जाती है। इस चुनाव में रुचि रखने वाले लोग सदस्य भी अपने हिसाब से बनाते हैं, ताकि अधिक से अधिक संख्या में अपने समर्थकों को निर्वाचित सदस्य मंडल में शामिल चेयरमैन की कुर्सी पर कब्जा किया जा सके। भंडार के चुनाव की गणित इस कदर उलझी हुई है कि नए खिलाड़ी इसमें गच्चा खा जाएं। यही कारण है कि कई दिग्गजों के चुनाव लड़ने के मंसूबों पर पानी फिर गया है। चुनाव के विधान के लचीलेपन का फायदा उठाकर उनके नाम दूसरे वार्डो में शामिल कर दिए गए हैं। अब वे व्यवस्था को कोस रहे हैं।