कराची
आक्रामक युवा बल्लेबाज सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र ¨सह धोनी की तूफानी शतकीय पारियों की मदद से भारत ने यहां एशिया कप वनडे क्रिकेट टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में हांगकांग के खिलाफ २५६ रनों के अंतर से भारी भरकम जीत दर्ज की। हांगकांग की पूरी टीम भारत के विशाल स्कोर के दबाव का थोड़ा भी सामना नहीं कर सकी और ३६.५ ओवरों में सिर्फ ११८ रन पर ही लुढक गई। भारत की यह सबसे बड़ी दूसरी जीत है।
इससे पहले भारत ने पिछले विश्व कप में बरमुडा को 257 रनों से हराया था। भारत की तरफ से लेग स्पिनर पीयूष चावला ने २३ रन देकर सर्वाधिक चार विकेट झटके जबकि सहवाग और अपना पहला वनडे खेल रहे मनप्रीत गोनी को दो-दो कामयाबियां मिलीं।
इससे पहले मैन आफ द मैच रैना ने महज ६८ गेंदों पर १क्१ और धोनी ने ९६ गेंदों पर नाबाद १क्९ रन की आतिशी पारियां खेलकर भारत का स्कोर चार विकेट पर ३७४ तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। विस्फोटक ओपनर सहवाग ने भी ४४ गेंदों पर ७८ रन की आक्रामक पारी खेली जबकि उनके साथी ओपनर गौतम गंभीर ने ५१ रन बनाए। भारत ने चार विकेट पर ३७४ रन बनाकर एशिया कप में सवोच्य स्कोर का नया रिकार्ड बनाया।
पिछला रिकार्ड पाकिस्तान के नाम पर था जब वर्ष २क्क्४ में उसने हांगकांग के ही खिलाफ ३४३ रन बनाए थे। टीम इंडिया ने १९८३ विश्व कप की अपनी ऐतिहासिक विजय के २५ वर्ष पूरा होने के मौके पर क्रिकेट जगत के नवजात शिशु हांगकांग को इस खेल की कुछ कठोर बारीकियां सिखाने में कोई कोताही नहीं बरती। धोनी की टीम ने परिपक्व बल्लेबाजी का बेहतरीन नजारा पेश करते हए हांगकांग के सामने गगनचुंबी लक्ष्य रख दिया।
धोनी ने गुरूवार को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले के लिए अपने बल्लेबाजों की तैयारी के मकसद से टास जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और सहवाग-गंभीर की सलामी जोड़ी ने उनके इस फैसले को गलत नहीं साबित होने दिया। इन दोनों ने मनचाहे अंदाज में दमदार शाट की झडी लगाते हुये सिर्फ १क्.५ ओवरों में ही भारत का स्कोर १क्क् तक पहुंचा दिया।
इसी क्रम में बड़ी तेजी से शतक की तरफ बढ़ रहे सहवाग ने थोड़ी अधीरता दिखाई और वह १५वें ओवर में नजीब अमर की गेंद पर इरफान अहमद के हाथों कैच हो गए। हालांकि उस समय तक वह गंभीर के साथ पहले विकेट के लिए १२७ रन जोडकर मजबूत बुनियाद रख चुके थे। उन्होंने ४४ गेंदों पर १३ चौकों और दो छक्कों की मदद से ७८ रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। थोडी देर बाद गंभीर भी ५४ गेंदों पर ५१ रन बनाकर नजीब के दूसरे शिकार बन गए।
उसके बाद रोहित शर्मा के आउट आफ टच होने के कारण भारत की रनगति धीमी होने लगी। वह २९ गेंदों पर संघर्षपूर्ण ११ रन बनाकर रनआउट हो गए। लेकिन इसके बाद धोनी और रैना ने जबर्दस्त प्रहार करते हुए हांगकांग के आक्रमण को बुरी तरह ध्वस्त कर दिया। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए १६६ रन की साझेदारी की जो कि एशिया कप में इस विकेट के लिए नया रिकार्ड है।
लोग कह सकते हैं कि हमने यह जीत हांगकांग जैसी नौसिखिया टीम के खिलाफ पाई है, लेकिन इससे इसका महत्व कम नहीं होता और इससे हमें टूर्नामेंट में आगे बेहतर खेलने का हौसला मिलेगा।
—महेंद्र सिंह धोनी, कप्तान भारतीय टीम