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उदयपुर. ऑयल कंपनियों के आगे डीलर्स भी मजबूर हो गए हैं। ब्रांडेड पेट्रोल-डीजल लेने की आयल कंपनियों की बाध्यता का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उसे पेट्रोल डीजल पर प्रति लीटर चार से पांच रुपए का अतिरिक्तभार पड़ रहा है। इसी परेशानी से निबटने के लिए पेट्रोल पंप डीलर्स ने 1 जुलाई से ब्रांडेड डीजल-पेट्रोल नहीं लेने का अल्टीमेटम दिया है।
संभागभर के पेट्रोल पंप मालिकों ने 1 जुलाई से ब्रांडेड डीजल-पेट्रोल नहीं लेने के संबंध में डीएसओ को अल्टीमेटम दिया है। पहले यह अल्टीमेटम बुधवार तक का ही था। एक जून से इंडियन ऑयल कापरेरेशन, भारत पेट्रोलियम कापरेरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कापरेरेशन ने ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल निश्चित मात्रा में लेने की अनिवार्यता थोप दी थी। मेवाड़ डीलर्स एसोसिएशन ने 26 जून से इस अनिवार्यता का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था।
राजस्थान डीलर्स एसोसिएशन ने भी प्रदेश के लिए यही निर्णय किया है। बुधवार को बीएन कॉलेज के सामने स्थित दलाल फिलिंग स्टेशन पर मेवाड़ डीलर्स एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों की बैठक हुई। इसमें यह निर्णय भी हुआ कि सख्ती करने पर कंपनियां सादा पेट्रोल, डीजल की सप्लाई प्रभावित करेंगी तो भी थोपा जाने वाला ब्रांडेड फ्यूल नहीं लेंगे। इसके बाद सभी डीलर्स ने डीएसओ त्रिभुवनपति को चेतावनी देकर एक जुलाई के बाद होने ग्राहकों को होने वाली संभावित परेशानियों से अवगत कराया।
इस नाम से बिकता है ब्रांडेड : डीलर्स ग्राहकों को होने वाली संभावित परेशानियों को लेकर आए थे। सुनने में आया है कि ऑयल कंपनियों से उनकी चर्चा चल रही है जो एक दो दिन में हल हो जाएगी।
—त्रिभुवनपति, डीएसओ, उदयपुर