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भोपाल. बहुचर्चित रिवेरा टाउनशिप मामले में कोहेफिजा पुलिस ने अपनी जांच के बाद लोकायुक्त को क्लीनचिट दे दी है। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट बुधवार की देर शाम मजिस्ट्रेट धमेंद्र कुमार सिंह की अदालत में प्रस्तुत कर दी।
पिछले सप्ताह अदालत ने परिवाद पर जांच कर एफआईआर करने के आदेश पुलिस को दिए थे। बुधवार को अदालत में पेश रिपोर्ट में पुलिस ने लिखा है कि परिवाद पत्र की जांच में यह सामने आया है कि इस मामले में कोई अपराध नहीं बनता।
19 जून को मजिस्ट्रेट धमेंद्र कुमार सिंह की अदालत मेंआलोक सिंघई नामक व्यक्ति ने लोकायुक्त जस्टिस रिपुसूदन दयाल के खिलाफ परिवाद पत्र पेश किया था। परिवाद में रिवेरा टाउनशिप में प्लाट खरीदने के मामले में लोकायुक्त पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। इस पर अदालत ने कोहेफिजा पुलिस को धारा 156 (3) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच के बाद रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस को अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए 20 अगस्त तक का समय दिया था। इस हाईप्रोफाइल मामले में कोहेफिजा पुलिस ने आनन-फानन में एक हफ्ते में अपनी जांच पूरी कर बुधवार को अपनी दो पेज की रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवाद में लगे आरोप पर लोकायुक्त के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है। इस कारण उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती।