मुंबई.देश के सबसे बड़े कर्ज प्रदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) व यूनियन बैंक आफ इंडिया (यूबीआई) के लोन ग्राहकों के लिए और महंगे हो गए हैं। दोनों बैंकों ने अपनी कर्ज की मूल दर (पीएलआर) में क्.५क् फीसदी वृद्धि की घोषणा की है। इससे जहां एसबीआई की ब्याज दर १२.७५ फीसदी हो गई है, वहीं यूबीआई की ब्याज दर बढ़ कर १३.२५ फीसदी जा पहुंची है। एसबीआई की बढ़ी हुई दरें शुक्रवार से लागू होंगी।
एसबीआई ने अपनी एसेट एंड लायबिलिटी कमेटी (एल्को) की हरी झंडी मिलते ही वीरवार को ब्याज दर बढ़ाने का ऐलान कर दिया। बैंक खास ग्राहकों को पीएलआर के हिसाब से कर्ज देते हैं।
एसबीआई ने नहीं, यूबीआई ने बढ़ाई डिपाजिट दर : एसबीआई ने डिपाजिट दरों में परिवर्तन नहीं
किया है, जबकि यूबीआई ने डिपाजिट दरों में क्.२५ फीसदी वृद्धि की घोषणा की है। एसबीआई ने कहा कि वह हाल में डिपाजिट दर बढ़ा चुका है, इसलिए ऐसा न करने का निर्णय लिया है।
महंगे हो जाएंगे कर्ज :
इस फैसले के बाद दोनो बैंकों की पीएलआर आधारित कर्ज की दरें संशोधित हो जाएंगी। इससे न सिर्फ फ्लोटिंग दरों पर लिए गए पुराने लोन की किस्तों का आकार बढ़ जाएगा, बल्कि नए कर्ज भी महंगे हो जाएंगे।
पहले नहीं बढ़ाई थी दर :
एसबीआई ने आरबीआई द्वारा रेपो दर में क्.२५ फीसदी की हाल की वृद्धि के बावजूद अपनी दरें यथावत रखी थीं। घटते मार्जिन को देखते हुए आरबीआई की दूसरी वृद्धि के बाद बैंक ने भी अपनी दरें बढ़ाने का फैसला किया है।
और बढ़ेगी रेपो दर :
निवेश बैंकर लेहमैन ब्रदर्स का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जुलाई में एक बार फिर रेपो दर क्.२५ फीसदी तक बढ़ा सकता है।
महंगाई १क् फीसदी के करीब :
लेहमैन ब्रदर्स का मानना है कि वर्ष के बाकी बचे हिस्से में मुद्रास्फीति दो अंकों में रहेगी, जबकि इस वर्ष इसकी औसत दर ९.८ के आस-पास रहने का अनुमान है।
किस्त में सात फीसदी का इजाफा :
बैंकों की ब्याज दरों में क्.५क् से १.क्क् फीसदी का इजाफा हो सकता है। एक अनुमान के अनुसार ब्याज दरों में एक फीसदी इजाफे से किस्त की राशि सात फीसदी तक बढ़ जाएगी।
यूबीआई ने भी बढ़ाई दरें :
स्टेट बैंक के साथ यूनियन बैंक आफ इंडिया (यूबीआई) ने भी अपनी ब्याज दरों में क्.५क् फीसदी का इजाफा कर दिया है, जिससे उसकी ब्याज दर १३.२५ फीसदी हो गई है। एचडीएफसी बैंक भी दरों में इतने ही इजाफे की घोषणा कर चुका है।
सोना के विरुद्ध लें लोन :
विशेषज्ञों के अनुसार पर्सनल लोन के बजाय सोने को मॉर्टगेज कर लिया गया लोन २.५ से ३ फीसदी सस्ता पड़ता है। सोने के एवज में लिए गए लोन पर बैंक कम प्रोसेसिंग फीस वसूलते हैं, जिससे लोन की लागत कम हो जाती है।
बढ़ाई नहीं वापस पहुंचाई ब्याज दर : हमने ब्याज की दर वापस जनवरी के स्तर पर पहुंचा दी है, जिसमें पर्याप्त तरलता के चलते कटौती की गई थी।
-अशोक मुकुंद,मुख्य वित्त अधिकारी एसबीआई