कोटा.
भामाशाह मंडी में गुरुवार की दोपहर को अचानक आई तेज बारिश से खुले में पड़ी हजारों बोरी जिंस भीग गई। करीब 100 से 125 बोरी धनिया पानी के तेज बहाव में बह गया। कुछ गीला होने से बदरंग हो गया। सभी जिंस मिलाकर करीब 4 से 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। मंडी में सभी जिंस मिलाकर करीब 15 से 27 हजार बोरी की आवक हुई थी।
मंडी समिति ने धनिये की नीलामी की व्यवस्था ए ब्लॉक के शेड में कर रखी थी। शेड में व्यापारियों का माल होने के कारण किसानों को शेड के बाहर अपने माल के ढेर करने पड़े।
दोपहर में धनिये की नीलामी शुरू होने के कुछ देर बाद ही तेज बारिश धनिया नालियों में बह गया। किसानों और महिला मजदूरों ने तिरपाल ढककर धनिया को बचाने के प्रयास किए। शेड के बाहर बने नाले में ऊफान आने से पानी का बहाव धनिये के ढेर में घुस गया और अपने साथ सैकड़ों बोरी धनिये को बहा ले गया।
आंसू निकल पड़े
खून-पसीने से तैयार की गई फसल को बहते देखकर किसानों के आंसू बह निकले। उन्होंने मंडी प्रशासन को कोसते हुए कहा कि किसी ने आकर उनकी सुध नहीं ली। दस साल के बच्चे ने बड़ी मासूमियत से कहा कि हमारे धनिये को बचाने के प्रयास में मेरे सारे कपड़े भीग गए।
नहीं लिया सबक
एक जून 06 को एक करोड़ रुपए का धनिया बहा था। यह पिछले आठ साल में सर्वाधिक नुकसान था। इससे पूर्व भी हर बारिश में मंडी में शेड के अभाव में लाखों रुपए की जिंस बारिश की भेंट चढ़ जाती है। इसके बावजूद मंडी समिति ने कोई मुकम्मल इंतजामात नहीं किए। जिंसों को भी शेड में ही डलवाया जा रहा है,लेकिन ज्यादा माल आने पर किसान बाहर ढेर कर देते हैं।
-दिवाकर दाधीच,सचिव कृषि उपजमंडी समिति
लिखित में आदेश के बावजूद व्यापारियों ने शेड खाली नहीं किए और किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
-संतोष बैरवा,चेयरमैन मंडी समिति