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Chandigarh Chandigarh कालका. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को वीरवार को यहां टूटी-फूटी गलियों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ा। सुबह करीब 10 बजे काली माता मंदिर के पास एक बस के बीच सड़क खराब हो जाने से ट्रैफिक जाम हो गया। वाहनों की लंबी लाइनें लगने से वे करीब आधे घंटे तक जाम में फंसे रहे।
कैप्टन सुबह करीब 10.30 बजे शिमला की ओर जा रहे थे पर कालका बाजार में एंट्री करने से पहले ही वे जाम में फंस गए। उनके काफिले में शामिल तीन गाड़ियों ने सायरन बजाए पर कोई फायदा नहीं हुआ।
ऐसे में उनके साथ चल रहे कमांडो गाड़ियों से उतरे और अन्य वाहनों को साइड में करवाते हुए पुराने कसौली रोड के एंट्री प्वॉइंट तक पहुंचे। एक किमी का यह सफर उन्हें आधे घंटे में तय करना पड़ा। यहां पहुंचने पर लोगों ने उन्हें पुराने कसौली रोड का रास्ता बताया। उन्होंने लोगों से बातचीत की और हाथ मिलाया।
इस दौरान बुग्गा नामक एक व्यक्ति कैप्टन को रास्ता दिखाने के लिए परवाणू तक उनकी गाड़ी में साथ गया। बाद में बुग्गा को कैप्टन के कमांडो अपनी गाड़ी में वापस छोड़ कर गए। इसी तरह बुधवार रात को एक ट्रक के खराब होने से रात करीब 9 से 10.30 बजे तक ट्रैफिक प्रभावित रहा और दो वीआईपी गाड़ियां भी काफी समय तक जाम में फंसी रहीं। ट्रैफिक इंचार्ज मदनमोहन ने ट्रैफिक सामान्य कराया।
बुग्गा को वीआईपी ट्रीटमेंट
यहां ट्रैफिक जाम के कारण एक आम आदमी को पूर्व मुख्यमंत्री जैसी सिक्योरिटी के अनुभव का मौका मिला। जानकारी के अनुसार पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह जाम में फंसे तो स्थानीय निवासी बुग्गा ने पुराने कसौली रोड से चार सेक्टर होते हुए परवाणू बस अड्डे तक पहुंचाने का काम किया।
कैप्टन को रास्ता दिखाने के लिए बुग्गा परवाणू तक गया और बाद में कैप्टन की एक गाड़ी कमांडो के साथ बुग्गा को कालका छोड़ने आई। इस पर बुग्गा काफी खुश था कि उसने आज वीआईपी की तरह कुछ पल बिताए।