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तेल की कीमतों में बहा शेयर बाजार

मुंबई. महंगाई की आंच और कच्चे तेल के ऊबाल में आज देश के शेयर बाजार झुलस गए। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 620 अंक टूटकर दस माह के बाद 14000 अंक से नीचे उतर गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) ने १७९ अंक की डुबकी लगाई।

अमरीका के शेयर बाजारों में कल की भारी मंदी और एशियाई शेयर बाजारों के टूटने के कारण यहां भी कारोबार की शुरूआत से ही बिकवाली का दबाव था। पूरे सत्र के दौरान भारी बिकवाली का दबाव रहा।

बीएसई के सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एक को भी बढ़त नसीब नहीं हो सकी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब १४२ डालर प्रति बैरल के निकट पहुंच गई। वहीं देश में महंगाई की दर १४ जून को समाप्त हुए सप्ताह में 0.37 प्रतिशत और बढ़कर अप्रैल १९९५ के बाद के अधिकतम स्तर ११.४२ प्रतिशत पर पहुंच गई।

महंगाई दर 12 प्रतिशत से ऊपर जाने की आशंका
बाजार विशलेषक महंगाई की दर के १२ प्रतिशत से भी ऊपर निकल जाने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। बीएसई का सेंसेक्स कल के १४४२१.८२ अंक की तुलना में १४१२७.७६ अंक पर करीब तीन सौ अंक नीचा खुला और यही सत्र का अधिकतम स्तर भी रहा। इसके बाद सेंसेक्स निरंतर बिकवाली के दबाव में रहा और सत्र में नीचे में 13760.24 अंक तक लुढ़कने के बाद कुल 619.60 अंक अर्थात 4.30 प्रतिशत की डुबकी लगाकर 13802.22 अंक पर बंद हुआ।

एनएसई का निफ्टी 179.20 अंक टूटा
सूचकांक का यह स्तर २१ अगस्त 2007 के १३९८९.११ अंक के बाद का न्यूतनम है। एनएसई का निफ्टी 171.20 अंक अर्थात ४.१५ प्रतिशत टूटकर ४१३६.६५ अंक पर बंद हुआ। सत्र में यह नीचे में 4119.20 अंक तक गिरा। इससे पहले शुरुआत में निफ्टी कल के ४३१५.८५ अंक की तुलना में 4315.30 अंक पर खुला और यही सत्र का उच्चतम स्तर भी रहा।

बीएसई में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि किसी भी वर्ग का सूचकांक बढ़त हासिल नहीं कर पाया। मिडकैप और स्मालकैप क्रमश: 3.19 तथा 2.68 प्रतिशत के नुकसान से क्रमश: 5558.75 तथा 6938.07 अंक पर बंद हुए। इनमें क्रमश: 183.29 तथा 191.01 अंक निकले। अन्य सूचकांकों में धातु सूचकांक को 4.53 प्रतिशत अर्थात 630.96 अंक का झटका लगा। धातु सूचकांक 13292.45 अंक रह गया। कैपीटल गुड्स सूचकांक 4.09 अर्थात 445.09 अंक टूटा। बैंकेक्स 345.64 अंक, आयल ऐंड गैस 289.75 अंक, रियलटी 227.18 अंक और आटो 204.93 अंक नीचे आए।

एनएसई का निफ्टी मिडकैप 50, 3.34 प्रतिशत गिरकर 2029.40 अंक रह गया। निफ्टी जूनियर 4.05 प्रतिशत के नुकसान से 6466.50 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई में सत्र के दौरान कुल 2706 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ१ इसमें से 75.79 प्रतिशत अर्थात 2051 कंपनियों के शेयर घाटे में रहे जबकि 601 अथवा 22.21 प्रतिशत में फायदा तथा 54 में स्थिरता रही। सेंसेक्स से जुड़ी तीस कंपनियों में सबसे अधिक घाटा आटोमोबाईल वर्ग की अग्रणी टाटा मोटर्स के शेयर में 8.24 प्रतिशत हुआ। कंपनी का शेयर 40.35 रुपए के नुकसान से 445.05 रुपए रह गया। आवास ऋण उपलब्ध कराने वाली अग्रणी एचडीएफसी का शेयर 8.15 प्रतिशत अर्थात 182.15 रुपए गिरकर 2028.15 रुपए रह गया।

रियलटी कंपनी डीएलएफ का शेयर 5.70 प्रतिशत यानि 25.65 रुपए गिरकर 420 रुपए रह गया। सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले 20 शेयरों में चार प्रतिशत और इससे अधिक की गिरावट रही। शानदार परिणाम के बावजूद टाटा स्टील का शेयर 4.01 रुपए अर्थात 30.35 रुपए गिरकर 721.15 रुपए रह गया। विप्रो लिमिटेड. रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा, अम्बूजा सीमेंट, जयप्रकाश एसोसिएट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, मारुति सुजुकी, ओएनजीसी, ग्रासिम इंडसट्रीज, रिलायंस कम्युनीकेशंस, सत्यम कंप्यूटर, इन्फोसिस टेकनोलोजीस, ¨हडाल्को, भेल और लार्सन ऐंड ट्रुबों के शेयर सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले बीस शेयरों में शामिल थे।

कच्चे तेल 2 और गैस उत्पाद 10 प्रतिशत बढ़ा

एजेंसी. नई दिल्ली. चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में देश में कच्चे तेल का उत्पादन पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 2 प्रतिशत बढ़कर 57 लाख 27 हजार टन हो गया जबकि प्राकृतिक गैस का उत्पादन 10 प्रतिशत के उछाल के साथ 5.68 अरब घनमीटर हो गया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आज जारी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल मई में कच्चे तेल का उत्पादन पिछले साल के 56.09 लाख टन से बढ़कर इस साल 57.27 लाख टन और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 5.15 अरब घनमीटर से बढ़कर 5.68 अरब घनमीटर तक पहुंच गया।

सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम, ओएनजीसी की उत्पादन भागीदारी २१.९५ लाख टन की रही और उसका उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 0.4 प्रतिशत कम रहा जबकि ऑयल इंडिया लिमिटेड का उत्पादन ३.८ प्रतिशत बढ़कर २.९७ लाख टन तक बढ़ गया। निजी और संयुक्त उद्यम के उत्पादन में ७ प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। प्राकृतिक गैस उत्पादन में ओएनजीसी ने ४.८ प्रतिशत की बढ़त हासिल की है जबकि ऑयल इंडिया का उत्पादन इन दो महीनों में ८.८ प्रतिशत गिरावट में रहा। प्राइवेट कंपनियों से गैस उत्पादन ३ प्रतिशत ऊंचा रहा।

तेल नई चोटी पर
लंदन. कच्चे तेल के दाम दो डालर बढ़कर 141.98 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गए। यूएस क्रूड का दाम 141.71 डालर तक चढ़ने के बाद हाजिर में 140.86 डालर पर 1.22 डालर प्रति बैरल ऊंचा बोला जा रहा था। लंदन ब्रेंट क्रूड का दाम 141.98 डालर प्रति बैरल के शिखर पर पहुंचने के बाद 140.97 डालर पर 1.14 डालर प्रति बैरल मजबूत था।

टिकी रहेंगी महंगाई
नई दिल्ली. उद्योग जगत ने भी सरकार के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि कच्चे तेल और इस्पात के ऊंचे दाम के चलते महंगाई का आंकड़ा कुछ और सप्ताह दहाई के आंकड़े पर टिका रहेगा। एसोसियेटिड चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) की यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि कच्चे तेल के लगातार बढ़ते दाम से उद्योगों की लागत भी बढ़ती जा रही है। जब तक कच्चे तेल के दाम नीचे नहीं आते हैं यह स्थिति बनी रहेगी।

एसोचैम अध्यक्ष सज्जन ¨जदल ने कहा है कि महंगाई का आंकड़ा नीचे कब आयेगा इसकी भविष्यवाणी करना बहुत मुश्किल काम है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सप्ताह के बाद मुद्रास्फीति की दर घटकर 7 से 8 प्रतिशत के दायरे में आ जाएगी। सरकार ने मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए अनेक वित्तीय एवं मौद्रिक उपाय किए हैं अनका असर आने वाले सप्ताहों में सामने आएगा।





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