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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
हरियाणा के थानों से महिलाओं की इज्जत बचाने का पुलिस ने गजब फॉमरूला ढूंढ़ निकाला है। महिलाओं को अब इन ‘बलात्कारी थानों’ तक नहीं जाना पड़ेगा। जहां भी जरूरत होगी, पुलिस खुद उन तक पहुंचेगी। इस आशय के निर्देश राज्य के डीजीपी रंजीव दलाल ने शुक्रवार को जारी किए।
इन निर्देशों में कहा गया है कि महिलाएं और बच्चे अब थानों में नहीं आएंगे बल्कि पुलिस ही पीड़ित महिला और बच्चों से पूछताछ के लिए उनके घर जाएगी। इसके लिए महिलाओं/बच्चों को अपनी शिकायत वुमन सैल में देनी होगी, जहां से इसे आगे थानों में भेजा जाएगा। शुक्रवार को यहां पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि लंबे समय से एक ही थाने में जमे पुलिस कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वह नाइट पेट्रोलिंग करें और अपने स्टाफ पर नजर रखें। एसपी अपने जिले में नशेड़ी पुलिसवालों की पहचान करेंगे और ये भी सुनिश्चित बनाएंगे कि उनके जिले के प्रत्येक थाने में हर पुलिसवाला वर्दी में हो। अनुशासनहीन पुलिसवालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ई-मेल से मिली डेरामुखी को उड़ाने की धमकी के बारे में डीजीपी का कहना था कि इसकी जांच चल रही है। फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकला है। पुलिस हर एंगल से ई-मेल को देख रही है। यह किसी की शरारत भी हो सकती है। पुलिस डेरामुखी की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।
बर्खास्त होगा आरोपी थानेदार
हरियाणा के डीजीपी रंजीव दलाल ने कहा है कि बलात्कार के आरोपी इंस्पेक्टर जयसिंह को बर्खास्त किया जाएगा। इस बारे में उन्होंने करनाल जिला पुलिस को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। रोहतक रेंज के आईजी वी. कामराज ने बताया कि पुलिस ने जयसिंह का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। इसकी प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। डीएनए रिपोर्ट मिलते ही जयसिंह की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फिलहाल जयसिंह 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में है।