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डॉक्टर ने दी किशोरी को यातनाएं

कोटा. girl दिल्ली से हाल ही में कोटा आई एक महिला डॉक्टर पर उसकी घरेलू नौकरानी ने बंधक बनाकर रखने, शारीरिक यातनाएं देने तथा भूखा रखने का मुकदमा दर्ज कराया है।

पुलिस के अनुसार शुक्रवार को असम के दार्जीलिंग जिले में नक्सलबाड़ी क्षेत्र के कितुकापूर्जा गांव की निवासी मंजीता मलिक (17) पुत्री उमेश मलिक कुछ लोगों के साथ थाने पहुंची और अपनी दर्दभरी दास्तां सुनाई। उसके अनुसार विवेकानंदनगर स्थित अपोलो मोदी अस्पताल की डॉ. शिखा दिल्ली से एक माह पूर्व कोटा लेकर आई थी। दिल्ली में भी वो उसके यहां घरेलू काम करती थी। यहां आने के बाद डॉक्टर ने उसे यातनाएं देना शुरू कर दिया। उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। बात-बात पर मारपीट की जाती तथा खाना भी पूरा नहीं देती थी।

किशोरी की दर्दभरी कहानी सुनकर उपअधीक्षक केडी चारण व सीआई गोपीचंद को सूचना दी। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किशोरी के बयान लिए। सीआई मीणा ने बताया कि डॉ. शिखा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरे पक्ष के बयान नहीं हुए हैं। डॉक्टर का पक्ष सुनने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उनके घर ताला लगा हुआ है। इधर अस्पताल के प्रबंधक मित्तल का कहना है कि डॉ. शिखा उनके यहां कार्यरत नहीं है।

ऐसे पहुंची गांव से कोटा
मंजीता के अनुसार चार माह पूर्व उसके गांव की ही रीना उसे व उसकी दो सहेलियों को माता-पिता से पूछकर दिल्ली लेकर आई थी। दिल्ली में रीना ने उसे डॉ. शिखा को दिखाया। डॉ. शिखा और उसके बीच कुछ बातचीत हुई और रीना उसे छोड़कर चली गई। डॉ. शिखा ने मंजीता को जयपुर अपने माता-पिता के घर भेज दिया। जब उसने घर लौटने की जिद की तो उन्हें उसे बुरी तरह पीटा, जिससे सिर में काफी चोट आई। उसे अस्पताल ले जाने की बजाय घर पर उसके टांके लगा दिए। एक माह पूर्व डॉ. शिखा का कोटा ट्रांसफर हुआ तो उसे वह कोटा ले आई। यहां भी उसे रोज यातनाएं दी जाती रही हैं।

शरीर पर जख्म ही जख्म
मंजीता मलिक ने जब पुलिस के सामने अपने शरीर के जख्म दिखाए। मात्र 17 साल की पतली-दुबली मंजीता के शरीर पर दर्जनभर से अधिक जख्म थे। सिर, आंख, पेट, दोनों हाथों व गालों पर यातना के निशान नजर आ रहे थे। मंजीता के अनुसार डॉ. शिखा और उसके परिजन उसे डंडे व लात-घूंसों से पीटते थे। खाने के नाम पर उसे कभी दो रोटी तो कभी एक रोटी से ही गुजारा करना पड़ता था।

ऐसे हुई आजाद
मंजीता मलिक के अनुसार यातनाओं से परेशान होकर वह कई दिनों से यहां से बाहर निकलना चाह रही थी लेकिन, मौका नहीं मिल रहा था। शुक्रवार को डॉ. जब अस्पताल गई, तब वह सीढ़ियों के रास्ते से छत पर पहुंची और वहां से पड़ोस के मकान की छत पर कूद गई। सीढ़ियों के रास्ते से उसके घर में पहुंची। मकान मालिक को पूरा घटनाक्रम बताया। किशोरी की बात सुनकर मकान मालिक ने कांग्रेस नेता हिम्मतसिंह हाड़ा को बताया तो वे उसे लेकर दादाबाड़ी थाने पहुंचे।

नारीशाला भेजा, मेडिकल कराया
पुलिस ने मंजीता के शरीर पर आई चोटों का मेडिकल मुआयना कराया और उसे नारीशाला भिजवा दिया। उसके परिजनों को सूचना भिजवा दी गई है। दो-तीन दिन में वे कोटा पहुंचेंगे।





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