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प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या

नवलगढ़. सोटवारा के कुएं में मिली लाश की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने मामले का खुलासा कर हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य आरोपी अभी फरार है। सीआई बृजमोहन असवाल ने बताया मृतक की पहचान बड़वासी के मंगेजसिंह के रूप में हुई।

इसके बाद एसपी हरिप्रसाद के निर्देशन में जांच शुरू की गई। मृतक के घरवालों के बयान लिए गए। इससे लगा कि मंगेजसिंह की पत्नी सुशीला के विक्रम नाम के युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहे थे। सुराग मिलने के बाद पुलिस ने सुशीला से पूछताछ की तो प्रेम-प्रसंगों का खुलासा हो गया।

पुलिस ने उसके प्रेमी निवाई निवासी विक्रम को कब्जे में ले लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस मामले से जुड़े दो आरोपी नवलड़ी के सत्येंद्र जाट व निवाई के प्रहलाद अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है।

कैसे बना मर्डर का प्लान
मंगेजसिंह 15 जून को अहमदाबाद से नवलगढ़ आया था। रात को वह घूमचक्कर के पास होटल में ठहर गया। 16 जून को सुबह सुशीला मंगेज से मिलने गई और कुछ देर बाद लौट आई। इसके बाद कस्बे के जोखीरामजी के कुएं के पास स्थित सत्येंद्र जाट के मकान में विक्रम, सुशीला व सत्येंद्र ने मंगेज को ठिकाने लगाने प्लान बनाया। सत्येंद्र शाम सात बजे टैक्सी में मंगेज को लेकर मकान पर आ गया।

मंगेज शराब के नशे में धूत था। मकान पर आते ही सत्येंद्र ने उसे नींद की गोलियां खिला दी। जिससे वह अचेत हो गया। बाद में विक्रम ने मंगेज को ठिकाने लगाने के मकसद से अपने साथी प्रहलाद को नवलगढ़ बुलाया। रात करीब 10 बजे मंगेज को गाड़ी में लेटाकर ले गए। बदराना जोहड़ के पास विक्रम ने व्हील पाने से मंगेज के सिर पर वार किया। जिससे मंगेज लहूलुहान हो गया और उसकी मौत हो गई।

आरोपियों ने हत्या के सुराग मिटाने और लाश को ठिकाने लगाने के लिए कुएं की तलाश शुरू की। पहले वे बलारा में गए लेकिन कोई सुरक्षित जगह नहीं मिली। इसके बाद प्रहलाद के कहने से सोटवारा चले गए। आरोपी रात करीब एक बजे जोहड़ी में पहुंचे। वहां शिनाख्तगी छिपाने के लिए मंगेज के कपड़े उतार लिए और लाश को कुएं में फेंक दिया। सत्येंद्र व प्रहलाद ने मृतक के कपड़े जला दिए और अपने-अपने गांव चले गए।

सुशीला को भेजा अहमदाबाद : हत्या के बारे में किसी को शक न हो, इसके लिए ट्रेवल एजेंसी पर सुशीला व मंगेज के नाम से दो टिकट बुक कराए गए। बुकिंग के बाद सुशीला को अहमदाबाद भेज दिया ताकि किसी को शक न हो कि मंगेज कहां है? बाद में सुशीला वहां से लौट आई।

कैसे चला प्रेम-प्रसंग : व्रिकम पिकअप गाड़ी चलाता था। डेढ़ साल पहले सुशीला ने लकड़ियां लाने के लिए उसे फोन करके बुलाया। पांच-छह बार लकड़ियां लाने-ले जाने से दोनों की मुलाकात हो गई। जान-पहचान प्यार में बदल गई। दोनों शादी करने के सपने देखने लगे। पिछली अमावस्या को लोहार्गल कुंड में दोनों ने एक-दूसरे को पति-पत्नी मान लिया। इसके बाद दोनों मंगेज को मारने का प्लान बनाने लग गए।

सुशीला ने किया था मना : मर्डर करने से पहले सुशीला ने मंगेज को मारने से मना किया था। सुशीला ने 16 जून को नवलगढ़ में ऐसा काम करने से मना कर दिया था। लेकिन व्रिकम व उसके साथियों ने उसकी एक बात नहीं मानी और मंगेज की हत्या कर दी।

दो बच्चे हैं मंगेज के
मृतक मंगेज के दो बच्चे हैं। मृतक की सुशीला (बुगाला) के साथ करीब 13 साल पहले शादी हुई। उनके एक 10 साल का लड़का व आठ साल की लड़की है। प्रहलाद नाम का युवक बेरोजगार है व सत्येंद्र जयपुर में कम्प्यूटर का काम करता है।





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