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कोलकाता
कुछ समय पहले तक अपनी मुस्कान, डांस और अभिनय क्षमता से सबका मन मोह लेने वाली शिनजिनी सेनगुप्ता (16) अब बोलने और चलने-फिरने में असमर्थ है। एक बंगाली टीवी चैनल के रियलिटी शो में उसके प्रदर्शन से नाखुश जजों ने उसकी इतनी आलोचना की कि सदमे के कारण वह लकवे की शिकार हो गई।
शिनजिनी ने टीवी चैनल पर सोमवार से बुधवार तक प्रसारित होने वाली डांस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। 19 मई को हुई शूटिंग के दौरान जजों ने उसकी जमकर आलोचना की। इस सार्वजनिक डांट-फटकार से उसे इतना सदमा लगा कि वह उससे बाहर ही न आ सकी। इसके चलते उसकी बोलने की शक्ति जाती रही और बाद में उसके हाथ-पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया। शुक्रवार देर शाम को उसे कोलकाता के अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए बेंगलूर ले जाया गया है।
कोलकाता की ही रहने वाली शिनजिनी शुरू से ही एक प्रतिभाशाली लड़की रही है और उसने टीवी सीरियलों व एक बंगाली फिल्म में अभिनय भी किया था। उसकी हालत से दुखी सेनगुप्ता परिवार अब भारी तनाव में हैं। डाक्टर भी उसकी बीमारी के बारे में ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। हालांकि मनोचिकित्सकों का कहना है कि वह अत्यधिक अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हुई है।
टीआरपी बढ़ाने के लिए रियलिटी शो में प्रतिभागियों और दर्शकों की भावनाओं को किस तरह उकसाया जाता है, यह शिनजिनी की हालत से स्पष्ट है। इस घटना ने स्पर्धा में भाग लेने वालों में पैदा होने वाला तनाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा से उन पर होने वाले विपरीत प्रभाव को भी सामने ला दिया है।
‘मैं अपनी बच्ची की हालत के लिए किसी को दोष देना नहीं चाहता, लेकिन मेरा कहना है रियलिटी शो में बच्चों या किशोरों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।’
-डीके सेनगुप्ता, शिनजिनी के पिता
‘मैं नहीं मानती कि हम ऐसा कुछ कह सकते हैं, जो किसी बच्चे को ठेस पहुंचाए। शायद प्रतियोगिता से बाहर होने के कारण शिनजिनी की यह हालत हुई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हम उसके जल्द स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।’
- अलकनंदा राय, प्रतियोगिता के जजों में से एक