उदयपुर. केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत अस्सी लाख रुपए माछला मगरा पर इको टूरिज्म विकसित करने के लिए खर्च किए जाएंगे। कला एवं संस्कृति विभाग विशेषज्ञों से विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवा रहा है। इसके तहत मगरे पर स्थित प्राचीन किले का जीर्णोद्धार, पाथ-वे, फेंसिंग, कैफेटेरिया बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से उदयपुर में पर्यटन से जुड़े विभिन्न स्थानों के लिए अस्सी लाख रुपए दिए थे। यह राशि राज्य सरकार ने सिर्फ माछला मगरा पर खर्च करने की योजना बनाई। इस पर सहमति के लिए प्रस्ताव दुबारा केंद्र सरकार को भेजा गया है। इस बीच कला एवं संस्कृति विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया अधिकारियों के साथ शनिवार को रोप-वे से माछला मगरा गए और करणीमाता मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने माछलामगरा पर फोर्ट के आगे पाथ-वे बनाने, जीर्ण-शीर्ण दीवारों की मरम्मत करवाकर रैलिंग लगाने का सुझाव दिया। उप मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक इंद्रपालसिंह मथारू ने बताया कि इस फोर्ट व इको टूरिज्म विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने एक प्रोजेक्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जिसे मंजूर कर लिया गया है।
माछलामगरा पर छोड़े जाएंगे वन्यजीव : गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अधिकारियों को कहा कि माछलामगरा पर तीन तरफ शहरकोट बनी हुई है। चौथी तरफ 10 से 12 फीट ऊंची दीवार बनाकर माछलामगरा पर वन्यजीव छोड़ जाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र को भी सज्जनगढ़ की तरह ही विकसित किया जाए। नगर परिषद निर्माण समिति के अध्यक्ष गजेंद्र जैन ने बताया कि गृहमंत्री के निर्देश के बाद अब दीवार बनाकर माछला मगरा को सुरक्षित किया जाएगा।
अब कमल तलाई में फव्वारों का कमल : गुलाबबाग स्थित कमलतलाई का नाम सार्थक करने के लिहाज से वहां कमल की आकृति का बड़ा फाउंटेन लगेगा। इसका कार्य तीन माह में पूरा हो जाएगा। सहेलियों की बाड़ी की तर्ज पर गुलाबबाग में एक और फाउंटेन लगाने का निर्णय किया है। कमल तलाई में लगने वाले फव्वारें का निर्माण आरएसएमएम के सहयोग से किया जा रहा है। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने शनिवार को गुलाबबाग का दौरा कर विकास कार्र्यो की समीक्षा की और कुछ सुझाव दिए।
इसमें नवलखा महल के पास के सर्कल पर बने मूर्तिनुमा फाउंटेन, रोज गार्डन के फाउंटेन को दुरुस्त करवाकर चालू करना शामिल है। उनके साथ सभापति रवींद्र श्रीमाली, निर्माण समिति अध्यक्ष गजेंद्र जैन, उद्यान समिति अध्यक्ष मनोहर दया, भाजपा नेता अनिल सिंघल, पीएचईडी के अनिल शर्मा, उप मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक इंद्रपालसिंह मथारू, नगर परिषद के एक्सईएन सुमनेश माथुर, एईएन समरथ बाबेल थे।