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सिमी पर प्रतिबंध की वकालत

उदयपुर. केंद्रीय गृहमंत्रालय की ओर से गठित विधि विरूद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिकरण, नई दिल्ली के समक्ष राज्य सरकार की ओर से शनिवार को राज्य में ‘सिमी’ पर प्रतिबंध के समर्थन में दस्तावेज पेश किए गए। ट्रिब्यूनल की ओर से उदयपुर में तीन दिवसीय सुनवाई के आखिरी दिन सिमी के वकीलों ने भी पक्ष रखा। अधिकरण अगली सुनवाई भोपाल में करेगा।

स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के राज्य में हुए आठ मामलों की सुनवाई शनिवार को पूरी हुई। तीसरे एवं आखिरी दिन राज्य के नोडल अधिकारी आईजी (इंटलीजेंस) श्रीनिवास राव जंगा ने सिमी पर प्रतिबंध के समर्थन में दस्तावेज पेश किए।

इसमें राज्य में अजमेर, जयपुर में हुए ब्लास्ट में सिमी की भूमिका से संबंधित दस्तावेज भी शामिल थे। इधर, सिमी के वकील मोबीन अख्तर ने बताया कि सिमी पर वर्ष 2001 से कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है लिहाजा इस पर लगा प्रतिबंध हटाया जाना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित ट्रिब्यूनल की चेयरमेन व दिल्ली हाईकोर्ट जज गीता मित्तल ने राज्य में दर्ज सभी मामलों की सुनवाई पूरी कर ली। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह साढ़े नौ से दोपहर 12 बजे तक सुनवाई हुई है।

प्रतिबंध पर फैसला अगस्त में
सरकारी वकील डॉ. शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि राज्य में हुए अब तक के आठ मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। इस विषय पर अधिकरण अंतिम फैसला अगस्त के प्रथम सप्ताह में दिल्ली में देगा।

शर्मा ने कहा कि भोपाल, औरंगाबाद और मुंबई में सुनवाई होना बाकी है। उन्होंने कहा कि आठों मामलों के जांच अधिकारियों के बयान हुए हैं। राज्य सरकार के नोडल अधिकारी के रूप में आईजी इंटेलीजेंस श्रीनिवास राव जंगा ने सिमी पर प्रतिबंध लगाने के लिए राज्य सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि 2006 में सिमी पर प्रतिबंध बढ़ने के बाद अब फिर से इस प्रतिबंध को बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई हो रही है। सुनवाई पूरी होने के बाद अधिकरण के फैसले पर केंद्र सरकार प्रतिबंध लागू करेगी। इसकी पुष्टि नहीं होने पर सिमी से प्रतिबंध हट सकता है।

प्रतिबंध हटाया जाए : मोबिन अख्तर
सिमी के वकील मोबिन अख्तर ने कहा कि राजनीतिक कारणों के चलते सिमी पर प्रतिबंध लगाया गया है। वर्ष 2001 के बाद से सिमी पर कोई केस दर्ज नहीं हुआ है इसलिए प्रतिबंध को हटाया जाना चाहिए।

सरकारी पक्ष रखा : श्रीनिवास राव जंगा
आईजी इंटलीजेंस और राज्य सरकार की तरफ से नियुक्त नोडल अधिकारी श्रीनिवास राव जंगा ने कहा कि 2001 से पहले राज्य में सिमी के खिलाफ दर्ज किए गए फैसलों में सिमी को प्रतिबंधित करने के लिए साक्ष्य रखे हैं। जांच अधिकारियों ने बयान दिए हैं। अब जो फैसला होना है वह ट्रिब्यूनल के अंतिम निर्णय के बाद ही बताया जा सकेगा।





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