HomeNewsRajasthanUdaipur Udaipur

अब ‘एयर एम्बुलेंस’

उदयपुर. ambu अस्पतालों का पहुंच से दूर होने के अब कोई मायने नहीं रह गए हैं। अब आपातकालीन स्थितियों में मरीज उड़कर अस्पताल पहुंचने लगे हैं। एयर एंबुलेंस सेवाएं लेकसिटी में भी पॉपुलर हो रही हैं। उदयपुर में एयर एंबुलेंस की सेवाएं जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में दी जा रही हैं।

टूरिस्ट डेस्टिनेशन होने की वजह से ये सेवा लेकसिटी में लोकप्रिय होती जा रही है। गंभीर पेशेंट्स को दिल्ली, मुंबई या अहमदाबाद शिफ्ट करने के लिए एयर एंबुलेंस सबसे विश्वसनीय माध्यम बन चुकी है। विदेशी मरीजों को अपने देश भी एयर एंबुलेंस से पहुंचाया जा रहा है।

बीमा से मुमकिन : जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल के डायरेक्टर देव कोठारी के अनुसार हॉस्पिटल में हर महीने 30 से 50 विदेशी मरीज भर्ती होते हैं। सभी इंश्योर्ड होते हैं और विदेशों में एयर एंबुलेंस कंसेप्ट बहुत लोकप्रिय होने से मरीज यहां इसकी डिमांड करते हैं। पिछले छह महीनों में हमने सात-आठ मरीजों को एयर एंबुलेंस से मेट्रो सिटीज में शिफ्ट किया है। उदयपुर में सिटी एयर एंबुलेंस सर्विस नहीं है, लेकिन दिल्ली में शुरू होने वाले प्रोजेक्ट में इसकी प्लानिंग है।

ऐसे मुहैया हो सकती है एयर एंबुलेंस
>> जिन अस्पतालों का दिल्ली-मुंबई या अहमदाबाद जैसे शहरों के बड़े अस्पतालों से बिजनेस रिलेशन हो
>> मेडिकल पैरामीटर्स पर खरे उतरने वाले हॉस्पिटल
>> हॉस्पिटल से एयरपोर्ट तक मरीज को ले जाने के लिए ‘आईसीयू ऑन व्हील्स’ सरीखी उच्च स्तरीय सुविधा
>> महंगी सेवा का उपयोग करने की आर्थिक समर्थता
>> निजी एयरलाइंस द्वारा ऑन कॉल एयर एंबुलेंस भिजवाई जाती है।

एयर एंबुलेंस के फायदे

सड़क हादसे या हार्ट अटैक में गोल्डन आवर्स निकल जाए तो जान बचानी मुश्किल होती है। एयर एंबुलेंस से कम से कम समय में मरीज विशेषज्ञों की निगरानी में पहुंच जाता है, जिससे लाइफ सेविंग के चांस बढ़ जाते हैं। एंबुलेंस विमान तमाम आवश्यक मेडिकल उपकरणों से लैस मिनी थियेटर होता है। स्पेशलिस्ट, नर्स और सहायकों की टीम मरीज की देखभाल के लिए साथ होती है।

छोटे शहर में जरूरत इतनी नहीं : बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम के कारण वक्त पर मरीज हॉस्पिटल नहीं पहुंच पाते, ऐसे में रोड एंबुलेंस की बजाय एयर एंबुलेंस का कंसेप्ट आ गया है। दिल्ली-मुंबई में यह आम हो चुकी है।

जयपुर में दुर्लभजी ट्रस्ट द्वारा हैलीकोप्टर एंबुलेंस लांच करने के लिए हैलीपैड बनवाया जा रहा है। इस मामले में गीतांजलि मेडिसिटी के सीईओ डॉ. के.सी. सोमानी का मानना है कि उदयपुर जैसे छोटे शहर में सिटी एयर एंबुलेंस का माइलेज नहीं मिल सकता। मरीजों को हॉस्पिटल तक सड़क मार्ग से आसानी से ले जाया जा सकता है। दूसरी बात एयर एंबुलेंस सर्विस इतनी महंगी है कि आम आदमी इसका भार नहीं उठा सकता।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: