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बिल गेट्स संन्यास ले रहे हैं। अभी उनकी उम्र सिर्फ 52 साल है, और वह समाज सेवा के कामों में अपना जीवन समर्पित करने जा रहे हैं। वह अब भी माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन रहेंगे, लेकिन एक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में माइक्रोसॉफ्ट में आज उनका आखिरी दिन है। एक बिजनेस लीडर के रूप में उनके करियर का औपचारिक अंत।
बिल गेट्स यह करियर, जिसने पूरी दुनिया में कम्प्यूटर क्रांति की शुरुआत की। उन्होंने विंडोज और ऑफिस जैसे सॉफ्टवेअर बनाए, जो विश्व भर में हर घर और ऑफिस में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। बिल गेट्स के कामों ने पूरी दुनिया को सही मायनों में एक गांव बना डाला। हार्वर्ड से पढ़कर निकला यह नौजवान वर्षो तक दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति की सूची में सबसे ऊपर शुमार किया जाता रहा। उसने जितना कमाया, उससे ज्यादा स्वास्थ्य-शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए दान कर दिया।
अपनी तमाम सफलताओं के बावजूद 1975 में बिल गेट्स ने जिस कंपनी की सह स्थापना की थी, वह आज अपनी राह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। समय बदला है, बाजार के नियम भी बदल गए हैं। कम्प्यूटर, जो कभी टेक्नोलॉजी का गुरुत्वाकर्षण केंद्र हुआ करता था, उसकी जगह अब इंटरनेट ने ले ली है। प्रतियोगिता के पुराने नियम धुंधले पड़ रहे हैं। आज लाखों यूजर्स के लिए सेल फोन पर्सनल कम्प्यूटर का बेहतर विकल्प है। गूगल, जो इंटरनेट कम्प्यूटिंग की दौड़ में सबसे आगे है, उसने टेक्नोलॉजी की दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट के आधिपत्य को चुनौती दे दी है।
ऐसे जटिल समय में बिल गेट्स का यह निर्णय बहुत से अनपेक्षित परिणामों की जमीन भी बन सकता है। यद्यपि बिल गेट्स सप्ताह में एक दिन अपनी कंपनी में बैठेंगे, लेकिन अब असली चुनौतियां तो कंपनी के चीफ एक्जीक्यूटिव स्टीवन ए. बॉल्मर के सामने हैं, जिन्हें इंटरनेट के संसार का मुकाबला करना है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर डेविड बी. यॉफी कहते हैं कि विंडोज और ऑफिस बिल गेट्स की विरासत हैं, उनकी देन हैं और आने वाले कई वर्षो तक यह उनका विशेषाधिकार भी रहेगा। परंतु भविष्य उसका नहीं है। लेकिन सॉफ्टवेअर की दुनिया में जैसी क्रांति बिल गेट्स ने की, वह कल्पना के भी परे है। उन्होंने लोगों की बुनियादी सोच और काम के तरीके को बदल डाला। मनुष्य के मस्तिष्क की विचार शक्ति को सॉफ्टवेअर का रूप दिया, जिसने पूरी दुनिया के औद्योगिक विकास में बहुत केंद्रीय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज एक बिलियन से भी अधिक विंडोज की कॉपियां संसार भर के कम्प्यूटरों में चल रही हैं।