शिव नादर. चेयरमैन, एचसीएल टेक्नोलाजिस
जन्म : 1945, तमिलनाडु में
देश : अमेरिका में निवासरत एनआरआई
संपत्ति : 3.9 अरब डॉलर
वह हर व्यक्ति एचसीएल के नाम से जरूर वाफिक होगा जिसका कम्प्यूटरों से कभी वास्ता पड़ा हो। भारत का पहला पीसी बनाने वाली एचसीएल यानी हिंदुस्तान कम्प्यूटर लिमिटेड की स्थापना 32 साल पहले उस व्यक्ति ने महज दो लाख रुपए में की थी, जो आज करीब 4 अरब डॉलर संपत्ति का मालिक है। यह शख्स हैं शिव नादर।
अगस्त 1976 में शिव नादर ने जब अपने पांच मित्रों के साथ एक कम्प्यूटर कंपनी शुरू करने का एलान किया तो उनके अनेक शुभचिंतकों के गले यह बात नहीं उतरी। नादर ने दिल्ली क्लाथ मिल्स के कैल्यूलेटर विभाग में अच्छी-भली नौकरी छोड़कर नए प्रोजेक्ट पर दांव लगाया था। नादर ने जिस समय कम्प्यूटर बनाने के लिए कमर कसी थी, उस समय देश में उसका कोई विशेष बाजार नहीं था, लेकिन उन्होंने दूर क्षितिज पर भविष्य की संभावनाओं को देख लिया था।
नादर की सफलता की यात्रा कंपनी की स्थापना के एक साल बाद ही शुरू हो गई जब वर्ष 1977 में तत्कालीन सरकारी नीतियों की वजह से आईबीएम ने भारत को अलविदा कह दिया। एचसीएल ने इस मौके को तुरंत लपकते हुए रिक्त स्थान को भरने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया। कंपनी ने तीन साल बाद ही सिंगापुर में पैठ बना ली और फिर उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 1987 तक आते-आते नादर की एचसीएल 100 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करने लगी थी। दो लाख रुपए से यात्रा शुरू करने वाली किसी भी कंपनी के लिए यह सफलता अद्भुत ही मानी जाएगी जिसका श्रेय नादर को जाता है।
महज एक कमरे में कंपनी शुरू करने वाले नादर की एचसीएल के आज विश्व भर में सौ से भी अधिक कार्यालय हैं और कंपनी 55 हजार से भी अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। फोब्र्स ने नादर की संपत्ति 3.9 अरब डालर आंकी है।