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नक्सलवाद का उन्मूलन न कर पाने की कसक

अंबिकापुर. raman मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा है कि प्रदेश की बेहतरी के लिए पिछले साढ़े 4 साल में उनकी सरकार ने खूब काम किए, पर बस्तर से नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन न हो पाने का मलाल है। वैसे इस दिशा में काफी सफलता मिली है और पूरी उम्मीद है कि आगामी वर्षो में बस्तर से भी नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आज विकास यात्रा के दौरान विकास रथ में अंबिकापुर से बतौली के बीच दैनिक भास्कर अंबिकापुर के ब्यूरो प्रमुख योगेश मिश्रा से चर्चा की। उन्होंने कहा उनकी सरकार ने छत्तीसगढ़ को विकसित राज्यों की श्रेणी में ला दिया है। केवल बस्तर में नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन न कर पाने की कसक है।

सरगुजा में तो इस समस्या पर नियंत्रण पा लिया गया है, पर बस्तर में अभी और काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सली समस्या 35 बरसों से है, इसे दूर करने की दिशा में गंभीरता से प्रयास पिछले साढ़े 4 साल में ही हुए हैं। इस दिशा में काफी सफलता मिली है और पूरी उम्मीद है कि बस्तर में भी राज्य के अन्य इलाकों की तरह पूरी शांति होगी।

शांति के बिना विकास संभव नहीं है, इसीलिए सरकार नक्सल समस्या के उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह सही है कि केवल पुलिस से ही नक्सल समस्या का निदान नहीं हो सकता, इसीलिए सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा इसके अलावा कई क्षेत्रों में और काम की जरूरत है। गरीबी रेखा से नीचे अभी भी बड़ी संख्या में लोग हैं।

सड़क व सिंचाई सुविधा के मामले में हम अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं। पिछले साढ़े 4 साल में हमने इन क्षेत्रों में जमकर काम किया है। इन मामलों में हम जल्द ही देश के विकसित राज्यों के साथ रहेंगे। निर्माण कार्य तो जमकर हुए, पर गुणवत्ता खराब होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश गुणवत्ता का भी ध्यान रखने की है पर विभागों के पास काम का बोझ भी काफी बढ़ा है।

पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग के पास पहले पच्चीस-पचास करोड़ के काम होते थे, अब सैकड़ों करोड़ के काम हैं। इन कामों की देखरेख के लिए तत्काल बड़ी संख्या में भर्ती नहीं की जा सकती। धीरे-धीरे विभिन्न कार्यो की मानीटरिंग के लिए प्रभावी सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। सीधे-सादे होने व प्रशासनिक नियंत्रण न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीधा-साधा होना कोई दोष नहीं है और ईमानदार होना कोई अपराध नहीं है, मैं मक्कारी नहीं सीख सकता।

पहले लोग कहते थे कि मेरा प्रशासन पर नियंत्रण नहीं है। अब कहते हैं कि पिछले 3 महीनों में मैंने प्रशासन का जमकर दुरूपयोग किया है। विपक्ष तो कुछ भी कहता रहता है। चुनाव लड़ने के संबंध में अजीत जोगी की चुनौती के सवाल पर उन्होंने कहा जोगी को कोई पूछ नहीं रहा है इसलिए वे ऐसी बातें कर रहे हैं।

चुनाव तो पार्टी व कार्यकर्ता लड़ते हैं। व्यक्ति तो प्रतीक है। पार्टी जहां से कहेगी, वहां से वे चुनाव लड़ेंगे। भैयाथान, प्रेमनगर पावर प्रोजेक्ट व शक्कर कारखाने से सरगुजा जिले की तस्वीर बदल जाएगी। प्रेमनगर व भैयाथान आने वाले समय में कोरबा की तरह के शहर होंगे। केरता क ा शक्कर कारखाना माडल शक्कर कारखाना होगा और पहले के शक्कर कारखानों की सारी कमियां दूर कर ली जाएंगी।

गुंडे-बदमाशों के बल पर नहीं होती राजनीति

लोग रात में भी निर्भय होकर आना-जाना करते हैं। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। लोग निश्छल भाव से मिलते हैं। यह मेरी सरकार की सबसे बड़ी सफलता है। भाजपा का संकल्प पत्र भूल जाने के सवाल पर डा. सिंह ने कहा कि कांग्रेसियों को कुछ भी सवाल उठाने का हक नहीं है। जनता को महंगाई के बोझ तले दबा देने वाले कांग्रेसियों को अपना घोषणा पत्र याद करना चाहिए।





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