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नक्सली हमले में 39 मरे?

मलकानगिरी (उड़ीसा)/रायपुर. naxal छत्तीसगढ़ में सुकमा इलाके की सीमा से करीब 150 किमी दूर मलकानगिरी, उड़ीसा के चित्रकोंडा बांध इलाके में नक्सलियों ने नौका पर सवार आंध्रप्रदेश के ग्रेहाउंड्स पर रविवार को सुबह 10.30 बजे जबर्दस्त हमला किया।

हमले में 35 जवानों समेत 39 लोगों के मारे जाने की आशंका है। फोर्स जिस नौका पर सवार थी, करीब सौ नक्सली उसके इंतजार में दोनों ओर की पहाड़ियों पर छिपे बैठे थे। आटोमेटिक गनों और मोर्टार के हमलों से नौका डूब गई। फोर्स ने देर रात बांध में सर्चिग कर दो जवानों के शव निकाले हैं।

मलकानगिरी जिले में यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सली हमला है। उड़ीसा के डीजीपी गोपाल नंदा ने बताया कि ग्रेहाउंड फोर्स आंध्रप्रदेश की सीमा पर माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जा रही थी, तब हमला हुआ। नौका पर ग्रेहाउंड के जवानों को मिलाकर 65 लोग सवार थे।

आंध्रप्रदेश सरकार ने राहत और बचाव के लिए दो हेलिकाप्टर मौके पर भेजे हैं। मलकानगिरी के एसपी सतीश गजभिए ने बताया कि नक्सलियों ने पहाड़ों से नौका को सीधे निशाने पर लिया। करीब 15 मिनट तक बेतहाशा फायरिंग करने के बाद मोर्टार और ग्रैनेड मारकर नौका को डुबो दिया। मलकानगिरी एसपी ने बताया कि ग्रेहाउंड की 60 जवानों की टुकड़ी नक्सलियों के 26 जून से चल रहे दमन सप्ताह के खिलाफ आपरेशन के लिए तीन दिन पहले विशाखापटनम से निकली।

कटामेरिया में कांबिंग गश्त के बाद फोर्स वापस लौट रही थी। कटामेरिया से विशाखापटनम पहुंचने के लिए एकमात्र रास्ता उड़ीसा के चित्रकोंडा से होकर जाता है। इसमें भी, लंबा सफर नौका पर तय करना होता है क्योंकि सड़क नहीं है। आंध्रप्रदेश पुलिस ने फोर्स को कटामेरिया से चित्रकोंडा लाने के लिए सिंचाई विभाग की बड़ी नौका आज सुबह भेजी। अंदेशा है कि नक्सलियों को नौका भेजने की खबर लग गई। जैसे ही जवानों को लेकर नौका अलमपेटा गांव के पास पहुंची, नक्सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया।

तैरते जवानों पर भी गोलियां
नक्सली हमले के बाद नौका के डेक पर बैठे जवानों ने मोर्चा लेकर फायरिंग की। टारगेट ऊंचाई पर था और जवान खुले में, इसलिए वे कामयाब नहीं हो पाए और गोलियां चलाते हुए पानी में कूद गए। नक्सलियों ने तैरते हुए जवानों पर भी गोलियां बरसाईं। बताते हैं, कुछ जवान नौका से फायर कर रहे थे, इसलिए नक्सलियों ने मोर्टार और ग्रैनेड मारकर इसे डुबो दिया।

नौका पर जाने की मनाही
डीजीपी विश्व रंजन ने एक पखवाड़ा पहले बस्तर में तैनात अफसरों को निर्देश दिए थे कि जंगलों से गुजरते नदी-नालों पर फोर्स को नौका से न ले जाया जाए। अगर जरूरी हो तो पहले नदी के दोनों किनारों की सर्चिग कर ली जाए। अफसरों ने बताया कि छत्तीसगढ़ एसटीएफ तथा यहां तैनात सीआरपीएफ सितंबर के अंत तक इस निर्देश पर अमल करेगी।

बार्डर पर फोर्स एलर्ट
मलकानगिरी के जिस बांध में नक्सलियों ने फोर्स पर हमला किया, वह सुकमा की सीमा से करीब 150 किमी दूर है। इस वजह से सुकमा-कोंटा सीमा पर फोर्स को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। आईजी नक्सल आपरेशंस गिरिधारी नायक ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अफसर इस वारदात की समीक्षा कर रहे हैं।





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