अजमेर.
राज्य के गृह सचिव वीएस सिंह ने स्पष्ट किया है कि दरगाह की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा दरगाह और जायरीन की सुरक्षा सवरेपरि है। सुरक्षा कारणों से किसी को परेशानी नहीं होगी।
रविवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में गृह सचिव के रूप में अंतिम बैठक ले रहे सिंह ने कहा कि जायरीन की आवक को देखते हुए गेट खोलने पर निर्णय किया जाए। जो भी गेट खोला जाएं, वहां से प्रवेश व निकास करने वाले जायरीन पर विशेष नजर रखी जाए।
डीजी पुलिस केएस बैंस ने कहा कि दरगाह परिसर के साथ तीनों विश्राम स्थली और सार्वजनिक स्थानों पर भी उर्स के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध होने चाहिए। उन्होंने कहा कि दरगाह परिसर और मेला क्षेत्र में कैमरों व खुफिया पुलिस के जरिए संदिग्ध लोगों की गतिविधियों का ध्यान रखा जाए। दरगाह में जाने वाले प्रत्येक सामान की तलाशी और जहां तक हो, भीड़ को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार उर्स मेले के दौरान सुरक्षा के लिए पर्याप्त जाब्ता और संसाधन मुहैया कराएगी।
कलेक्टर के सुझाव
कलेक्टर नवीन महाजन ने कहा कि जायरीन द्वारा खाने के कूपन वितरित करते वक्त भिखारियों की और दरगाह बाजार में घूमकर सामान बेचने वालों की लाइन लगी रहती है। अंदरकोट में सड़क के दोनों ओर दुकान लगाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा पांच- पांच हजार रुपये में जमीन बेचते के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस मिलकर इस समस्या को दूर करे।
देगों का नया ठेका आज से
उर्स और पुष्कर के लिए दिया गया देगों का नया ठेका सोमवार से शुरू हो जाएगा। इसे देखते हुए रविवार को बड़ी देग खाली करवाई गई। अंजुमन सैयदजादगान व अंजुमन शेखजादगान की ओर से इस उर्स व पुष्कर मेले के लिए दिए गए देगों के ठेके की औपचारिक शुरूआत होगी। रविवार रात को ही दोनों देग नए ठेकेदार सैयद सुल्तान चिश्ती के हवाले कर दी जाएंगी। पूर्व ठेकेदार ने बड़ी देग में जायरीन द्वारा डाली गई सामग्री खाली करवाई। इसमें चावल, शक्कर, गुड़, सूखे मेवे, नकदी राशि और जेवरात निकले हैं। इस बार ठेका 1 करोड़ 2 लाख 94 हजार 786 रुपए में हुआ है।
‘जायरीन को तंग नहीं करें’
अंजुमन सैयद जादगान और अंजुमन शेख जादगान ने सरकार को ख्वाजा साहब के उर्स में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर जायरीन को परेशान नहीं करने और रस्मों को प्रभावित नहीं करने का आग्रह किया है।
रविवार को दोनों अंजुमन के पदाधिकारियों ने गृह सचिव वीएस सिंह और पुलिस महानिदेशक केएस बैंस से कलेक्ट्रेट के सभागार में मुलाकात कर जायरीन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। उनका कहना था कि उर्स मेला व्यवस्था अब तक जैसी चलती आई है, उसी अनुरूप की जाए। इसमें फेरबदल करने से जायरीन को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर रस्मों को प्रभावित करने की कोशिश भी नहीं होनी चाहिए। सिंह और बैंस ने उन्हें आश्वस्त किया कि अंजुमन पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर ही व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई समझौता नहीं होगा।
एक तरफा व्यवस्था नहीं हो
अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद महमूद हसन चिश्ती ने कहा कि दरगाह में प्रवेश व निकास के लिए एक तरफा व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। अब तक जैसा होता आया है, वैसी ही व्यवस्था हो, जायरीन द्वारा दरगाह में कई प्रकार की रस्में अदा की जाती हैं। नई व्यवस्था करने से दिक्कत होगी।
सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया
अंजुमन सैयद जादगान के सदर सैयद गुलाम किबरिया चिश्ती ने कहा कि ख्वाजा साहब का उर्स पिछले आठ सौ वर्षो से मनाया जा रहा है। अंजुमन ने बम विस्फोट से पहले ही सुरक्षा में कमी की शिकायत की थी, लेकिन सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। जायरीन जिस गेट से प्रवेश करेंगे, उसी गेट से बाहर जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त की जिम्मेदारी प्रशासन की है। अंजुमन सुरक्षा में प्रशासन का पूरा सहयोग करेगी।
राज्यपाल से मिलेंगे
उर्स में जिला प्रशासन की दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अंजुमन सैयदजादगान पदाधिकारियों का दल सोमवार को राज्यपाल एसके सिंह से मुलाकात करेगा। अंजुमन सदर सैयद गुलाम किबरिया चिश्ती की अगुवाई में जाने वाले तीन सदस्यीय दल में सचिव सैयद महमूद-उल-हसन चिश्ती और नायब सदर सैयद इकबाल चिश्ती शामिल हैं। महमूद मियां ने बताया कि अंजुमन पदाधिकारी राज्यपाल के समक्ष भी अपना पक्ष रखेंगे। दरगाह सुरक्षा की आड़ में वे लोग धार्मिक रस्मों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। उर्स के दौरान होने वाली रस्मों के बारे में भी बताया जाएगा।