बीकानेर. मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में बीकानेर के डायबिटिज रिसर्च सेंटर, जिरियाट्रिक रिसर्च सेंटर और स्नेक बाइट रिसर्च के लिए जिस बजट की घोषणा की थी वह अब न केवल स्वीकृत हो गया है बल्कि इस मद से तुरंत उपकरणों की खरीद कर सेवाएं शुरू करने की मशक्कत भी शुरू हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को इन सेंटर्स के लिए लगभग 65 लाख रुपए के उपकरणों की खरीद के टेंडर तैयार कर प्रकाशित करवाने के लिए जयपुर भेजे गए।
अस्पताल अधीक्षक डा.विनोद बिहाणी व सेंटर्स से संबंधित अधिकारियों ने मिलकर मंजूर बजट के मुताबिक इन प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया। टेंडर प्रस्ताव के अनुसार जिरियाट्रिक रिसर्च सेंटर के लिए लगभग 15 लाख, डायबिटिज रिसर्च सेंटर के लिए भी लगभग 15 लाख एंटी स्नैक वीनम रिसर्च के लिए लगभग 35 लाख रुपए के उपकरणों की खरीद होगी।
अस्पताल प्रशासन की कोशिश है कि मुख्यमंत्री के बीकानेर आगमन से पूर्व ही दोनों सेंटर और एंटी स्नैक वीनम रिसर्च की तमाम जरूरतें पूरी हो जाएं। हालांकि अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन की खरीद भी इस दौरे के मद्देनजर की जा रही थी मगर यह मामला फिलहाल कोर्ट में चला गया है।
‘उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर कॉल कर रहे हैं। जल्द ही ये उपकरण इंस्टॉल करवाकर दोनों सेंटर चालू करवा दिए जाएंगे।’
-डा.विनोद बिहाणी, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल
डायबिटिज रिसर्च सेंटर में जनसहभागिता भी
डायबिटिज रिसर्च सेंटर में जहां बजट भाषण में घोषित 15 लाख रुपए की लागत से कंटीन्युअस ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम और कम्पलीट ऑटोमेटिक कैमेस्ट्री एनालाइजर लगाए जाएंगे वहीं जनसहभागिता से लगभग 40 लाख रुपए के दो बड़े उपकरण भी लगाए जा रहे हैं।
सेंटर प्रभारी डा.आर.पी.अग्रवाल के मुताबिक दिमागी टीबी, जेनेटिक स्टडी आदि में काम आने वाला लगभग 15 लाख रुपए लागत का पोल्यूमिनरी चैन रिएक्शन (पीसीआर) उपकरण लगेगा वहीं 25 लाख की लागत का डीएनए सिक्वेंसर भी इसी योजना में लगाया जा रहा है। ये दोनों उपरकण एक-दो दिन में ही सेंटर पहुंच जाएंगे।
क्या होगा जिरियाट्रिक रिसर्च सेंटर में
इस सेंटर के लिए लगभग 15 लाख रुपए की लागत के उपकरण खरीदे जा रहे हैं जिनमें कार्डिक मॉनीटर, ऑटो एनालाइजर, यूरीन एनालिसिस इक्विपमेंट, डी-फिब्रेलेटर, इन्फ्यूजन पंप, बीपी इंस्ट्रूमेंट आदि शामिल हैं। सेंटर प्रभारी डा.वी.बी.सिंह के मुताबिक बिल्डिंग का काम मुकम्मिल है और सेंटर जल्द ही चालू होने की अवस्था में है।