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इंदौर.
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की टीम ने रविवार दोपहर इंद्रपुरी में गल्र्स होस्टल के मालिक के घर छापा मारा। आठ दिन पहले होस्टल के नीचे एक सीडी शॉप से 5.२ किलो नशीला पावडर जब्त किया था। दो लोग भी गिरफ्तार हुए थे। उनसे मिली जानकारी पर होस्टल मालिक के यहां कार्रवाई हुई।
ब्यूरो का दल रविवार दोपहर 12 बजे भंवरकुआं थाने के पीछे ट्यूलिप गल्र्स होस्टल के मालिक सुनील सेंगर के यहां पहुंचा। इससे पहले 21 जून को होस्टल बिल्डिंग के नीचे स्काई एज सीडी शॉप से ब्यूरो की टीम ने करीब 5.2 किलोग्राम एल्प्राजोलम (प्रतिबंधित नशीला पदार्थ) जब्त कर संजय चौहान को गिरफ्तार किया था। बाद में एक फोर्ड फिएस्टा कार से भी इतना ही एल्प्राजोलम और जब्त कर अजय जैन को गिरफ्तार किया गया।
दोनों से पूछताछ के बाद लाइसेंसी स्टॉकिस्ट के सुंदरम कॉम्पलेक्स, सपना-संगीता रोड गोदाम से 52 किलो और बाद में बद्रीबाग के एक फ्लैट व एक अन्य स्थान से 50 किलो एल्प्राजोलम बरामद किया।
आरोपियों ने सुनील और उसके छोटे भाई गुड्डू सेंगर की मिलीभगत की जानकारी दी। तब ब्यूरो के सुप्रिंटेंडेंट एसपी श्रीवास्तव व रतलाम, उज्जैन, नीमच तथा ग्वालियर के इंस्पेक्टर, सबइंस्पेक्टर तथा अन्य पुलिसकर्मी होस्टल पहुंच गए।
घर के पीछे गल्र्स होस्टल
सुनील ने तीन मंजिला भवन के ऊपरी हिस्से में गल्र्स होस्टल बना रखा है, जिसका प्रवेश द्वार आगे से ही है। शंका के चलते गल्र्स होस्टल के कमरों को भी खंगाला गया। फिर सुनील और उसके पिता को हिरासत में लिया गया।
मनप्रभावी ड्रग है एल्प्राजोलम
नारकोटिक्स के अधिकारियों ने बताया एल्प्राजोलम मनप्रभावी ड्रग है, जिसे दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। इसे लाइसेंसधारी दुकानदार संबंधित दवा कंपनी को बेच सकता है। नशेबाज इससे स्मैक भी बनाते हैं।
बचते रहे अधिकारी
पूरी कार्रवाई के दौरान ब्यूरो अधिकारी मीडिया से बचते रहे। देर शाम जब्त मादक पदार्थो की मात्रा तो बताई लेकिन आरोपियों की जानकारी नहीं दी।