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83 बंदियों पर 5 प्रहरी

सादुलपुर. प्रदेश तीसरी संवेदनशील माने जाने वाली सादुलपुर की सबजेल में विचाराधीन 83 संगीन बंदियों की सुरक्षा का जिम्मा मात्र पांच प्रहरियों पर है। महिला कांस्टेबल के अभाव में यहां लाई गई महिला बंदी को तुरंत जिला मुख्यालय पर भेजना पड़ता है। यहां के सबजेलर के अनुसार प्रशासन को कई बार समस्याओं के बारे में अवगत करवाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है।

जेल की रखवाली का जिम्मा एक मुख्य प्रहरी सहित कुल पांच प्रहरियों पर है। हालांकि व्यवस्था के तहत चार कांस्टेबलों को अटेचमेंट पर लगा रखा है। एक तरफ राज्य सरकार इस सब जेल को प्रदेश की डीग व किशनगढ़ बास के बाद तीसरी संवेदनशील जेल मानती है वहीं स्टाफ को लेकर आंखे मूंदे हुए हैं।

सब जेलर तथा प्रभाराधिकारी की ओर से भी जेल प्रशासन को समय-समय पर जेल की स्थिति से अवगत कराते हुए नफरी बढ़ाने एवं स्वीकृत पदों पर नियुक्ति को लेकर चिट्ठियां भेजी है, परंतु कार्रवाई के नाम पर आज तक कुछ नहीं हुआ। मुख्य गेट पर जहां आठ-आठ घंटे की ड्यूटी के लिए तीन मुख्य प्रहरी होने चाहिए वहां एक ही प्रहरी से काम चलाया जा रहा है। पुरानी नफरी के अनुसार जेल में आठ प्रहरियों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से चार पद रिक्त हैं।

इसके अलावा जेल तक आवागमन के लिए अभी तक सड़क का निर्माण नहीं होने से परेशानी हो रही है। गत दिनों जिला कलेक्टर अजरुन मेघवाल ने जेल का निरीक्षण करने के दौरान सड़क के संबंध में जिला मुख्यालय व सार्वजनिक निर्माण विभाग को इस बारे में लिखने के निर्देश दिए थे।

जानकारी के अनुसार 1978 तक गढ़ परिसर में बंद जेल हुआ करती थी। तब की स्वीकृत नफरी ही वर्तमान में 12 बीघा में स्थित जेल के लिए लागू कर रखी है। आठ वर्ष पूर्व खोली गई सब जेल में उस वक्त 65 विचाराधीन बंदियों को रखने की स्वीकृति थी, जो अब बढ़ाकर 100 कर दी गई है। जेल की क्षमता भले ही कम हो परंतु उसमें 115 विचाराधीन बंदियों को रखा जा चुका है।

बंदियों की स्थिति
यहां की सब जेल में विभिन्न संगीन अपराधों के करीब 83 बंदी विचाराधीन हैं। जानकारी के अनुसार विचाराधीन बंदियों में सर्वाधिक 21 आरोपी अपहरण एवं बलात्कार के हैं। इनके अलावा दहेज हत्या के 7, हत्या के 10, जानलेवा हमला के 10, शराब तस्करी के 7, चोरी के 4, पशु वध के 5, लूट के 5, मादक पदार्थ तस्करी के 5 बंदियों सहित कई अन्य अपराधों के विचाराधीन बंदी शामिल है।

>> जेल में स्टाफ की कमी को लेकर कई बार जेल प्रशासन, जयपुर को पत्र लिखे गए हैं। नफरी पुराने समय की है, इसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए, साथ ही स्वीकृत पदों पर तत्काल नियुक्ति की आवश्यकता है।
विनोदकुमार बागड़ी सब जेलर

महिला कैदी की व्यवस्था नहीं सबजेल में महिला प्रहरी नहीं होने के कारण विचाराधीन महिला बंदियों को जिला मुख्यालय स्थित जेल भेजा जाता है। जेल प्रशासन पिछले काफी समय से महिला प्रहरी को लगाए जाने की मांग कर रहा है, परंतु इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।





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