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Shekhawati Shekhawati सीकर. आसमान छूने के लिए उम्र नहीं, जूनून की वो हद चाहिए जो हर मुश्किल को राह बदलने पर मजबूर कर देती है। यह साबित कर दिखाया हैं, उदयपुर की चार वर्ष की नन्हीं खिलाड़ी कृष्णा कंवर ने। जिस उम्र में बच्चे खिलौने संजोते हैं, उस उम्र में कृष्णा ने कई रिकार्ड अपने नाम किए हैं। कृष्णा जीप एवं बस के नीचे से ऐसे निकल जाती है जैसे पानी की लहर। रविवार को सीकर आई कृष्णा ने भास्कर से बांटे अपनी छोटी से उम्र के बड़े अनुभव।
ये रिकार्ड हैं कृष्णा के नाम
कृष्णा के नाम सवा तीन साल की उम्र 10 बसों व एक जीप के नीचे से निकलने का रिकार्ड है। कृष्णा ने रोल बॉल की जूनियर प्रतियोगता में भी अपने प्रदर्शन से सबको चौंका चुकी हैं। कंवर जीटीवी व आजतक में बतौर अपने हुनर का प्रदर्शन कर चुकी है। लेकिन कंवर को इससे भी संतुष्टि नहीं मिली। इसलिए आजकल में उदयपुर में रहकर पढ़ाई व खेलों की तैयारी कर रही हूं।
लक्ष्य: कृष्णा का लक्ष्य है सेना में लेफ्टीनेंट बनकर देश के दुश्मनों से दो-दो हाथ करना व देश के रोलबॉल खिलाड़ियों को अपने पैसे से सुविधांए प्रदान करना। लेफ्टिनेंट बनने का जूनून इस हद तक है कि वे अभी से अपने नाम के साथ लेफ्टिनेंट शब्द जोड़ दिया है। कृष्णा का अगला लक्ष्य चलती ट्रेन के नीचे से स्केट पहन कर निकलना हैं।
अपने दम पर सफलता
कंवर सरकार से किसी प्रकार की सहायता नहीं लेना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से कई बार उन्हें सहायता के लिए आमंत्रित किया गया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। कंवर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, खेल मंत्री व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिल चुकी हैं लेकिन वे अब किसी राजनेता से नहीं मिलना चाहती हैं। उनका मानना हैं कि राजनेता खिलाड़ी को बड़े प्रलोभन देकर रास्ते को भटकाने की कोशिश करते हैं।