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Shekhawati Shekhawati सीकर.
लाल बत्ती के रुतबे का मजा सीकर के कुछ नेता नियमों को तार-तार कर खूब लूट रहे हैं। खासबात तो यह है कि न तो इन्हें कायदों की परवाह है और न ही ये नियमानुसार लाल बत्ती के योग्य हैं।
लक्ष्मणगढ़ के भाजपा विधायक केडी बाबर व कृषि उपज मंडी सीकर के अध्यक्ष बाबूसिंह बाजौर अपने वाहन पर लाल बत्ती लगाने के हकदार नहीं हैं, मगर जब ये लाल बत्ती से जगमगाती गाड़ियां लेकर सफर करते हैं तो सारे नियम-कायदे बौने नजर आते हैं।
खासबात तो यह है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले दोनों ही जनप्रतिनिधि सत्तारूढ़ पार्टी के सिपहसालार हैं। शायद यही कारण है कि प्रशासन भी इन नुमाइंदों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
लाल बत्ती की कहानी, खुद इन्हीं की जुबानी
‘आप वाहनों पर लाल बत्ती लगाने के लिए अधिकृत नहीं हैं, जनप्रतिनिधि होते हुए भी खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आप पद का सरासर दुरुपयोग कर रहे हैं।’ हमने जब इन नेताओं से यह सवाल किया तो ये चौंकाने वाले जवाब सामने आए।
‘प्रेमसिंह का भाई हूं, उन्हीं की गाड़ी है
बाबूसिंह बाजौर अपने भाई प्रेमसिंह बाजौर की गाड़ी को यूज करते हैं। वे कहते हैं कि गाड़ी घर पर खड़ी रहती है। कभी-कभी ले जाता हूं। वैसे कोई खास बात नहीं है।
‘जयपुर में अधिकांश एमएलए लगाते हैं
अरे यह तो नॉर्मल है। बाबूसिंहजी भी तो लगाते हैं। वैसे आपको बता दूं, जयपुर में अधिकांश एमएलए लाल बत्ती की गाड़ी यूज करते हैं। इसलिए मैंने भी लगा ली।
यह है नियम
नियमों की बात करें तो संबंधित वीआईपी की अनुपस्थिति में वाहन की बत्ती को कवर से ढकना होता है। वीआईपी के लिए इस्तेमाल होने वाली लाल बत्ती को कोई दूसरा उपयोग नहीं कर सकता है।
आदेशों की परवाह नहीं
राज्य सरकार ने 13 मार्च, 1990 को वाहनों से अनाधिकृत तरीके से लगी बत्तियां हटाने के आदेश निकाले थे। इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पास बत्तियां हटाने के अधिकार हैं। ऐसे वाहनों को जब्त करने, बत्ती हटाने व राज्य सरकार को कार्रवाई के लिए लिखे जाने का नियम भी है।
>> अनाधिकृत बत्ती लगे वाहन नोटिस में आने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भंवरलाल मीणा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सीकर
ये लगा सकते हैं लाल बत्ती
नियमानुसार जिले में चार लोग ही अपने वाहनों पर लाल बत्ती लगा सकते हैं। इसके अलावा जिले में राज्य सरकार के मंत्री, आयोग अध्यक्ष आदि भी बत्ती लगा सकते हैं।
जिला सेशन न्यायाधीश
कलेक्टर
जिला प्रमुख
पुलिस अधीक्षक
और नीली बत्ती
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
पुलिस गश्त के वाहन
परिवहन विभाग के वाहन