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बड़ी नाव (लांच) में फंसे हैं शव

मलकानगिरी (उड़ीसा).चित्रकोंडा डैम में नक्सली हमले के बाद से लापता एंटी नक्सल फोर्स ग्रे हाउंड्स के जवानों समेत 36 लोगों की तलाश के लिए सोमवार को नौसेना की मदद ली गई। दोपहर करीब 2 बजे बड़ी नाव (लांच) का पता चल गया, जो 20 फुट से ज्यादा गहराई में डूबी मिली। पुलिस के अनुसार लापता ज्यादातर जवान लांच के केबिन में फंस गए। लांच को बाहर निकालने के लिए बड़ी मशीनों की मदद ली जा रही है।

कांबिंग गश्त से लौट रहे ग्रे हाउंड्स के दल पर रविवार सुबह 10.30 बजे के करीब नक्सलियों ने हमला कर उनकी नाव डुबा दी थी। मलकानगिरी के एसपी संतोष कुमार गजभिए ने बताया कि नक्सलियों ने भारी हथियारों से फायरिंग के बाद नाव पर राकेट लांचर से भी हमला किया था।

जब तक जवान संभल पाते लांच डूब गई। केबिन में बैठे कई जवानों को लांच से निकलने का मौका ही नहीं मिला। सोमवार सुबह आंध्रप्रदेश से तीन हेलीकाप्टर, कई नौकाओं के साथ ग्रेहाउंड्स के करीब छह सौ जवान चित्रकोंडा पहुंच गए।

विशाखापट्टनम से नौसेना के प्रशिक्षित गोताखोरों का दल भी उनके साथ आया था। 60 वर्ग किमी से ज्यादा बड़े इलाके में फैले बांध के चप्पे-चप्पे की तलाशी फोर्स ने हेलिकाप्टर की मदद से ली। तलाशी अभियान में तीन लांचर, दो एबुंलेंस वेसल, कई मोटरबोट लगाई गई थीं।

करीब 2 बजे नौसैनिकों ने लांच को ढूंढ निकाला। लांच के केबिन में कई जवानों की लाशें फंसी मिलीं। 30 घंटे से ज्यादा समय से पानी में डूबी लाशें फूल जाने से केबिन के दरवाजे से उन्हें निकालना संभव नहीं हो पा रहा था।

दोपहर को आंध्रप्रदेश की पुलिस ने विशेष मशीनों का इंतजाम किया, जिसके हाइड्रालिक सिस्टम की मदद से लांच को पानी की सतह तक उठाने की कोशिश की गई, लेकिन शाम तक इसमें सफलता नहीं मिली थी। पुलिस का कहना है कि लांच के एक हिस्से को काटकर ही शवों को बाहर निकाला जा सकेगा।

हजार जवान लगे सर्च में

नक्सलियों की तलाश में चित्रकोंडा इलाके में उड़ीसा और आंध्रप्रदेश पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया है, जिसमें ग्रेहाउंड्स और सीआरपीएफ के एक हजार से ज्यादा जवान शामिल हैं। तीन हेलिकाप्टरों को भी तलाश में लगाया गया है।

सोमवार रात को हेलिकाप्टर में सर्च लाइट लगाकर नक्सलियों और शवों की तलाश की जाती रही। 60 वर्ग किमी से ज्यादा इलाके में फैल गए जवान नक्सलियों की तलाश कर रहे हैं। पानी से बाहर आए सभी 25 जवानों को हेलिकाप्टर से विशाखापट्टनम भेज दिया गया है।

लांच निकालने की कोशिश की थी

नक्सलियों द्वारा डुबाई गई लांच के चालक मनोरंजन डे ने बताया कि फायरिंग के बाद जैसे ही नाव डूबने लगी वह केबिन से बाहर निकल आया। वह गलती से पानी के अंदर तैरता हुआ उसी दिशा में चला गया, जहां नक्सली थे। नक्सलियों ने उसे दबोच लिया और अपने साथ कैंप में ले गए। रात भर उसकी पिटाई की और सोमवार सुबह रिहा किया। उसने बताया कि नक्सलियों की संख्या करीब 30 थी, जिसमें कुछ महिलाएं भी थीं।

हथियार लूटने की नीयत से नक्सलियों ने यात्रियों को लेकर वहां से गुजर रही एक अन्य लांच की मदद से डूबी नाव को बाहर निकालने का प्रयास किया था। पुलिस की लांच के सिग्नलमैन संतोष सेठी को भी नक्सलियों की गोली लगी है। उसने बताया कि फायरिंग शुरू होते ही नाव की छत पर बैठे 20-25 जवान छिपने के लिए दूसरी तरफ दौड़े इससे नाव असंतुलित हो गई थी।





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