भोपाल. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी की पुस्तक ‘मेरा देश मेरा जीवन’ के विमोचन समारोह में मौजूद देश के शीर्षस्थ गुरु श्रीश्री रविशंकर और बाबा रामदेव ने आडवाणी की तारीफ। मंच पर दो गुरुओं की उपस्थिति के बीच श्री आडवार्णी के संक्षिप्त भाषण में राजनीति का रंग कम और अध्यात्म की खुशबू ज्यादा थी।
अपनी प्रशंसा पर भावुक होते हुए कहा कि जब इस तरह की बातें होती हैं तो मेरी आंखेंं अक्सर भर जाती हैं। आज भी जब मेरी मंच से तारीफ हो रही थी तो मैं भावुकता के दौर से गुजर रहा था। अपने जीवन में संस्कारों और उपलब्धियां हासिल करने के मामले में उनके परिवार और संघ परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण बताई।
उन्होंने कहा, विनम्रता, धैर्य और सहजता जिन गुणों का मेरे बारे में जिक्र किया है, उसे जीवन की घटनाओं से सीखा और उन्हें किताब में शामिल किया। श्री आडवाणी ने कहा कि देश में लोकतंत्र पर खतरे बढ़ते जा रहे हैं, जो स्थितियां 25 जून 1975 को आपातकाल के समय थीं, वे आज और बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आपातकाल को हिटलर के काल जैसी घटना बताई।
उन्होंने कहा कि जीवन में प्रशंसा और चापलूसी बहुत आसान है और व्यक्ति को उससे बचना चाहिए। इससे भ्रम होता है और आदमी के बिगड़ने के खतरे ज्यादा होते हैं। आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जब तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने मंदिर निर्माण का संकल्प लिया तो पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उसे पूरा करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया, तब राजीव गांधी राम मंदिर क्यों नहीं बना सकते थे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री आडवाणी को भारतीय राजनीति का महामानव बताया और कहा कि उनकी पुस्तक से भाजपा और संघ परिवार के संबंधों को लेकर जो भ्रम है, उसका निवारण होगा।
सोमवार की रात राजधानी के लाल परेड मैदान स्थित नेहरू स्टेडियम में आडवाणी की आत्मकथा पर केंद्रित पुस्तक ‘माय कंट्री माय लाइफ’ के हिंदी संस्करण ‘मेरा देश मेरा जीवन’ पुस्तक का आर्ट आफ लिविंग के प्रणोता श्रीश्री रविशंकर ने विमोचन किया।
मंच पर राष्ट्र्रीय स्वयं सेवक संघ के सहकार्यवाह सुरेश सोनी, सांसद सुषमा स्वराज, माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति अच्युतानंद मिश्र, श्रीमती कमला आडवाणी, प्रभात प्रकाशन के प्रमुख प्रभात कुमार मौजूद थे। श्रोताओं से खचाखच भरे सभागार में तीन राज्यों के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, रमन सिंह वीएस येदुरप्पा, सांसद नवजोत सिंह सिद्धू, सांसद सुमित्रा महाजन समेत शिवराज सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद, पार्टी के पदाधिकारी और प्रदेशभर से आए प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।
पुस्तक का नाम बेटी ने दिया :
पुस्तक के शीर्षक को लेकर की जा रही तारीफ का रहस्य उद्घाटित करते हुए श्री आडवाणी ने कहा कि यह नाम (मेरा जीवन मेरा देश) मेरा नहीं बल्कि मेरी बेटी प्रतिभा का दिया हुआ है। दरअसल कार्यक्रम में कहा जा रहा था कि पुस्तक के शीर्षक में केवल बीच में ‘ही’ जोड़ना (मेरा देश ही मेरा जीवन) इसके उद्देश्य को प्रदर्शित कर देता है।
आडवाणी हमारे लिए अछूत नहीं :
पुस्तक विमोचन समारोह में श्रीश्री रविशंकर और योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी उनके लिए अछूत नहीं हैं। वैसे भी संत-महात्माओं का छुआछूत से कोई संबंध नहीं होता, वे देशभक्तों के आमंत्रण पर कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि वे पीडीपी जैसे राष्ट्रद्रोही दल के जाने पर उसके कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। बाबा रामदेव ने कहा कि देश के चुनाव में मतदान सौ प्रतिशत होने की व्यवस्था हो जाए तो लोकतंत्र मजबूत होगा। दोनों धर्मगुरु कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक रविवार की रात विदेश के लिए रवाना हो गए।