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International International क्वालालम्पुर.
मलेशिया में विपक्ष के नेता अनवर इब्राहिम ने कहा है कि वे जल्द ही तुर्की दूतावास छोड़ देंगे। यौन शोषण के आरोपों के बाद अनवर ने तुर्की दूतावास में शरण ले रखी है। पूर्व उपप्रधानमंत्री ने समाचार एजेंसी को टेलीफोन पर दिए संक्षिप्त इंटरव्यू में बताया उन्होंने दूतावास में राजनीतिक शरण नहीं ली थी। उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर शरण ली थी।
अनवर ने बताया उन पर अपने एक सहयोगी का यौन शोषण करने का आरोप खाद्यान्न व ईंधन की बढ़ती कीमतों से जनता का ध्यान हटाने के लिए एक छलावा हैं। प्रधानमंत्री अब्दुल्ला बादावी की सरकार के लिए खतरा बन चुके कई घोटालों पर से ध्यान हटाने की कोशिश के तहत मुझपर यह बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।
इस वर्ष हुए आमचुनाव में बादावी का गठबंधन 13 में से पांच सीटें विपक्ष के हाथों हार गया था। लगभग 50 साल पहले ब्रिटेन से आजाद होने के बाद से गठनबंधन के लिए यह सबसे खराब परिणाम रहे थे।
सियासी ड्रामा
8 मार्च, 2008: प्रधानमंत्री अब्दुल्ला बादावी का नेशनल फ्रंट गठबंधन चुनावों में दो तिहाई बहुमत नहीं ला सका।
01 अप्रैल: गठबंधन की मुख्य पार्टी यूनाइटेड मलय नेशनल आर्गेनाइजेशन (उम्नो) के लगभग 500 सदस्यों ने बादावी से इस्तीफे की मांग की। पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद और उनके पुत्र मुखरिज महाथिर को पार्टी की कमान सौंपना चाही। बादावी मुकरे।
14 अप्रैल: भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते लगे पांच साल के प्रतिबंध की अवधि खत्म होने पर अनवर फिर से राजनीतिक पद संभालने के योग्य हुए।
16 मई: सरकार ने 2001 के न्यायिक घोटाले में महाथिर और दो प्रमुख जजों सहित छह लोगों के खिलाफ जांच के आदेश दिए।
19 मई: महाथिर ने 22 साल (1981-2003) तक शासन के बाद उम्नो छोड़ी।
04 जून: पेट्रोल और डीजल की कीमतें 41 फीसदी तक बढ़ीं। डीजल से सब्सिडी हटाई। मुद्रास्फीति बढ़ी
13 जून: बादावी ने कहा उपप्रधानमंत्री नजीब रजाक को नेता बनाने पर सहमति। दो दिन बाद कहा पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे।
18 जून: मलेशिया की छोटी पार्टियों ने कहा बादावी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। प्रस्ताव गिरा।
29 जून: अनवर ने तुर्की दूतावास में शरण ली। 1998 में भी उनपर यौन शोषण और भ्रष्टाचार के आरोप लगे, और जेल में डाल दिया गया था।