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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. राज्य सरकार ने अंतत: आज बस किराये में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है। 1 जुलाई से नई दरें लागू हो जाएंगी। यात्रियों को मौजूदा किराये से 20 फीसदी ज्यादा देना होगा। सरकार से समझौते के बाद बस आपरेटरों ने आज आधी रात से प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया।
सरकार ने किराया बढ़ाने की जानकारी राज्यभर में जारी कर दी है। इसके पूर्व सोमवार को सरकार और बस आपरेटरों के बीच किराया दर को लेकर काफी खींचतान हुई। बस आपरेटर पहले 50 फीसदी किराया बढ़वाने पर आमादा थे। परिहवन मंत्री हेमचंद यादव ने उन्हें दोपहर 1 बजे चर्चा के लिए अपने बंगले बुलाया।
राजधानी बस ओनर्स एसोसिएशन के संरक्षक प्रीतम सिंह गरचा, लखवंत सिंह और अध्यक्ष प्रमोद दुबे, सचिव भावेश दुबे के साथ करीब 50 से ज्यादा आपरेटर बंगले पहुंच गए। आपरेटरों और परिवहन मंत्री के बीच पौन घंटे चर्चा हुई। बस आपरेटर ने 50 फीसदी की जिद छोड़कर 25 फीसदी बढ़ोतरी के लिए तैयार हुए।
परिवहन मंत्री 15 फीसदी में अटके थे। बस आपरेटरों की जिद देखकर उन्होंने 20 प्रतिशत वृद्घि का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बस आपरेटरों से स्पष्ट कह दिया कि मैंने मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह को किसी तरह 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के लिए राजी किया है, सरकार इससे ज्यादा वृद्घि नहीं करेगी।
सरकार की बार्डर लाइन तय होने के बाद बस आपरेटर संघ के पदाधिकारियों ने राज्य भर के बस आपरेटरों के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की। सबकी सहमति के बाद बस आपरेटरों ने अपनी ओर से हामी भर दी। पदाधिकरियों का कहना है कि 20 फीसदी वृद्घि बस आपरेटरों के लिए आक्सीजन का काम करेगी।
गौरतलब है कि बस आपरेटरों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्घि के बाद बस किराये में 50 फीसदी बढ़ोतरी की मांग की थी। किराया न बढ़ने की दशा में 30 जून की रात 12 बजे से गाड़ियों के चक्के जाम करने का निर्णय लिया गया था।
सरकार के पास परिवहन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इस वजह से बस मालिकों के तेवर देखकर शासन और अफसरों के हाथ-पांव फूल गए थे। परिवहन मंत्री ने आज दूसरी बार बस आपेटरों को बुलाकर चर्चा की।
नरमी से पेश आने की नसीहत
बस आपरेटर संघ के पदाधिकारियों ने समस्त बस मालिकों को यात्रियों के साथ नरमी के साथ पेश आने की नसीहत दी है। पदाधिकारियों ने कहा है कि एकाएक किराया बढ़ने की जानकारी कई यात्रियों को नहीं होगी। दूरस्थ गांव के यात्री तो कई दिनों तक मानने को तैयार नहीं होंगे। ऐसी दशा में उन यात्रियों के साथ सहानुभूति पूर्वक पेश आएं और नरमी से शासन के फैसले की जानकारी दें।