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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए गरीबों की संख्या किस तरह बढ़ रही है, इसका नमूना आज बोदरी में देखने को मिला। एडीशनल कलेक्टर व खाद्य महकमे के अफसरों ने आज यहां आकस्मिक जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई परिवारों में दो-तीन नामों पर बीपीएल कार्ड पाए गए। ये गरीब ऐसे लोग थे, जो खुद की पक्की बिल्डिंग में रह रहे थे। सीएमओ को दो दिन में सूची सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
2007 के सर्वे के अनुसार नगरीय निकायों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों का बीपीएल कार्ड बनाया जा रहा है। पिछले दिनों कलेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने जिले के सभी निकायों के अफसरों को तलब कर कार्ड बनाने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की थी।
इस दौरान बोदरी सीएमओ द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़े चौंकाने वाले थे, जिसमें गरीबों की संख्या शत-प्रतिशत थी। संदेह होने पर कलेक्टर श्री ने सोमवार को एडीशनल कलेक्टर धनंजय देवांगन व सहायक खाद्य अधिकारी आरएस ठाकुर को बोदरी नगर पंचायत में जांच के लिए भेजा।
अधिकारियों ने वहां करीब दर्जन भर से अधिक ऐसे परिवारों के संबंध में जांच की, जिनके नाम बीपीएल सूची में शामिल थे। जिन्होंने गरीबी रेखा का चावल लेने के लिए सूची में नाम दर्ज करवाए थे, वे दोमंजिला भवनों में रह रहे थे। यही नहीं, एक ही घर में बाप-बेटे के नाम पर अलग-अलग कार्ड होने की जानकारी भी अफसरों को मिली। कार्ड बनाने के कार्य पर नियंत्रण स्थानीय निकायों का होता है।
बड़े पैमाने पर फर्जी गरीब सामने आने पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार्ड पात्रता से अधिक संबंधों के आधार पर बनाए गए हैं। एडीशनल कलेक्टर ने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि दो दिनों के भीतर सूची में सुधार की जाए।
इसके बाद ही बीपीएल राशन कार्ड बनाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि हफ्ते भर पूर्व हुई बैठक में कलेक्टर ने बोदरी सहित अन्य ब्लाकों के अधिकारियों को सूची में गरीबों की संख्या अधिक होने पर कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि सूची में किसी भी स्थिति में 60 प्रतिशत से अधिक नाम नहीं होने चाहिए।
आगे भी चलेगी जांच
जिन नगरीय निकायों में बीपीएल कार्ड बांटे जाने हैं, वहां सूची की जांच आगे भी जारी रहेगी। एडीशनल कलेक्टर व खाद्य विभाग के अफसर इन जगहों पर जाकर अधिकारियों को गाइड लाइन देंगे और सूची में अधिक नाम होने पर अपात्रों के कार्ड रोक दिए जाएंगे।
दो दिनों में बन जाएंगे कार्ड
कलेक्टर द्वारा आज ली गई समय-सीमा की बैठक में सहायक खाद्य अधिकारी ने बताया कि बीपीएल राशन कार्ड दो दिनों के भीतर बन जाएंगे। इसके बाद इनका वितरण शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में खाद, बीज, निर्वाचन, नगरीय प्रशासन, आदिवासी विकास विभाग, सर्वशिक्षा अभियान, पंचायत, नजूल सहित अन्य विभागों के कार्यो की समीक्षा की गई।