HomeNewsRajasthanAjmer Ajmer

विशेष चौकसी के निर्देश

अजमेर. राज्यपाल एस. के. सिंह ने सोमवार को राजभवन में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में उर्स के मौके पर की जाने वाली सुरक्षा के इंतजामों की जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त रखने के साथ ही दरगाह के लोगों से भी सावचेत रहने पर जोर दिया। दरगाह दीवान और अंजुमन कमेटी ने राज्यपाल को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गुजारिश की थी।

राज्यपाल ने दरगाह की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में खादिमों की संस्था अंजुमन तथा दरगाह दीवान एवं सज्जादानसीन सैयद जैनुल आबदीन सहित गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव वी.एस. सिंह और पुलिस महानिदेशक के. एस. बैस के साथ गहन चर्चा की।

जयपुर में बम विस्फोटों और अजमेर की दरगाह में विस्फोट के बाद की स्थितियों को गंभीर मानते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश और विदेश से आने वाले जायरीन की हिफाजत के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए। समय के साथ बढ़ रही तकनीक के मद्देनजर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

राज्यपाल ने कहा कि वैष्णोदेवी और तिरुपति बालाजी में चल रही सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप ही दरगाह में भी नजराना में से कुछ हिस्सा निकालकर उपयोग में लिया जा सकता है। अंजुमन के सदस्यों ने दरगाह में संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने पर जोर दिया। इस अवसर पर राज्यपाल की प्रमुख सचिव मीनाक्षी हूजा भी उपस्थित थीं।

अंजुमन से मांगा सहयोग
उल-हसन चिश्ती ने बताया कि सुरक्षा के मामले पर उठे मुद्दे के दौरान राÊयपाल शीलेंद्र कुमार सिंह ने अंजुमन से भी कहा कि उन्हें भी इसमें आर्थिक सहयोग प्रदान करना चाहिए। राज्यपाल सिंह ने अंजुमन पदाधिकारियों से दरगाह में आने वाले चढ़ावे का ब्यौरा भी मांग लिया और कहा कि इस राशि को वे लोग किन-किन कामों में खर्च करते हैं।

इस पर अंजुमन पदाधिकारियों ने जवाब दिया कि दरगाह में चढ़ाई जाने वाली राशि चढ़ावा नहीं होता, ये नजराना है और इस पर कानून और शरई तौर पर खुद्दाम-ए-ख्वाजा का हक है। इसकी पूरी ऑडिट रिपोर्ट तैयार होती है। अंजुमन इस राशि में से शिक्षा, विधवाओं के कल्याण और स्कॉलरशिप पर खर्च करती है। उन्होंने राज्यपाल को ऑडिट रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने की बात कही।

कौन है ख्वाजा का वंशज
दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन ने ख्वाजा गरीब नवाज का वंशज होने के कारण उन्हें चढ़ावे में से आधा हिस्सा मिलने का मुद्दा उठाया। इस पर अंजुमन पदाधिकारियों ने कहा कि वे उन्हें वंशज नहीं मानते और दीवान आबेदीन को कितना हिस्सा मिलना चाहिए, यह मामला अदालत में चल रहा है।

सोनिया गांधी के कहने पर हुई बैठक
अंजुमन सचिव सैयद महमूद चिश्ती ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व अंजुमन पदाधिकारियों ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। सोनिया गांधी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री ए आर अंतुले को फोन कर समस्या का समाधान करने की हिदायत दी। अंतुले ने उनकी बात सुनने के बाद राज्यपाल शीलेंद्र कुमार सिंह से चर्चा की। अंतुले से बात के बाद राज्यपाल सिंह ने उन्हें जयपुर में बुलाया था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: