मुंबई.पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का डर टाटा मोटर्स को भी सता रहा है। वह नैनो के ऐसे संस्करण बनाने में लगी है, जो महंगे ईंधन की चुनौती से निपट सके। टाटा को अंदेशा है कि महंगे ईंधन के कारण कारों की बिक्री घट सकती है।
टाटा मोटर्स की सालाना रिपोर्ट में चैयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि नैनो के ऐसे मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जो पर्यावरण और महंगे ईंधन की चुनौती से निपट सके। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को पूरा कर सके।
टाटा का ख्याल है कि नैनो की जबर्दस्त बिक्री बाजार में टाटा मोटर्स की स्थिति बदल देगी। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगुआर व लैंड रोवर जैसे ब्रांड टाटा मोटर्स को विश्व स्तरीय पहचान दिलाएंगे व मुनाफे बढ़ाने वाला साबित होंगे।
टाटा ने कहा कि पैसेंजर कार शाखा में इंडिका और इंडिगो के माडलों की बिक्री घटेगी और बाजार हिस्सेदारी में कमी आएगी। इंडिका के नए माडलों के जरिए इस नुकसान की भरपाई करने की योजना है।
रतन टाटा ने सिंगुर प्लांट के इस साल के अंतिम तिमाही में शुरू होने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि कंपनी भविष्य में घरेलू और वैश्विक मांग की पूर्ति के लिए अपने संयंत्रों का विस्तार भी करेगी।
चुनौतियों का वर्ष:
अगले साल को ‘बड़ी चुनौतियों का वर्ष’ करार देते हुए टाटा ने कहा है कर्ि ईधन की ऊंची कीमतों का व्यावसायिक वाहनों और यात्री कार दोनों की बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इस दौरान जहां स्टील, टायर और कई अन्य वस्तुओं के दामों में तेज वृद्धि होगी, वहीं मौद्रिक आपूर्ति में सख्ती व ऊंची ब्याज दरों का प्रभाव भी दिखेगा।
क्या कहती है सालाना रिपोर्ट
1. महंगे ईंधन से वाहनों की बिक्री घट सकती है, इसलिए नैनो के ईंधन बचाने वाले माडल लाए जाएंगे।
2. टाटा मोटर्स के व्यावसायिक वाहनों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 5.5 फीसदी बढ़ी, लेकिन बाजार हिस्सेदारी घट गई।
3. जगुआर व लैंड रोवर के अधिग्रहण को पूरा करने के लिए 7,200 करोड़ रुपए का राइट इश्यू लाया जाएगा।