मुंबई. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई है और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) छात्रों ने सामान्य वर्ग के छात्रों जैसा ही प्रदर्शन किया है। यहां तक कि आईआईटी को उनके लिए कट-ऑफ मार्क्स भी कम नहीं करना पड़े हैं।
सोमवार को घोषित सीट अलॉटमेंट के मुताबिक इस बार जेईई में सफल 8,652 छात्रों में 14.35 फीसदी यानी 1,134 ओबीसी छात्र कॉमन मेरिट लिस्ट में आएं हैं।
बेहतर ब्रांच के लिए आरक्षण :
जेईई परीक्षा से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ओबीसी छात्रों को बिना आरक्षण के भी प्रवेश मिल जाता, क्योंकि सभी को मेरिट लिस्ट में स्थान मिला है। केवल जिनकी रैंक कम है, हो सकता है कि उन्हें आरक्षण से मनमाफिक ब्रांच हासिल करने में मदद मिली हो।
जेईई के आर्गनाइजिंग चेअरमैन एनएम भंडारी ने कहा, ‘देशभर के आईआईटी में ओबीसी के लिए 756 सीटें हैं। इनमें से 30 से अधिक छात्रों को मेरिट के आधार पर मनमाफिकब्रांच मिल गईं। बाकी छात्रों ने आरक्षण का सहारा लेकर बेहतर ब्रांच हासिल की।’
छूट की जरूरत नहीं पड़ी :
आईआईटी ने इस बार ओबीसी को कटऑफ मार्क्स में 10 फीसदी छूट देने का निर्णय लिया था, लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी। आईआईटी बॉम्बे के निदेशक अशोक मिश्रा ने कहा, ‘हमें ओबीसी के लिए कट-ऑफ मार्क्स को कम करने की जरूरत नहीं पड़ी। निश्चित ही उनका प्रदर्शन सामान्य वर्ग के छात्रों जैसा ही रहा।’।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी 13.74 फीसदी ओबीसी छात्र कॉमन मेरिट लिस्ट में आए थे। इस अधिकारी के अनुसार, ओबीसी कोटे की तीन फीसदी यानी 40 सीटें अब भी रिक्त हैं।
क्रीमी लेयर के लिए आय सीमा के दोगुनी होने की संभावना
पिछड़ा वर्ग राष्ट्रीय आयोग ने ओबीसी कोटे के संपन्न वर्ग (क्रीमी लेयर) के लिए आय सीमा को दोगुना करने संबंधी एक प्रस्ताव केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्री मीरा कुमार को सौंपा है। कमीशन का प्रस्ताव है कि इसे ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया जाए। प्रस्ताव के पीछे कमीशन का इरादा ओबीसी आरक्षण में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करना है। ज्यादातर राज्य इसे चार लाख से छह लाख के बीच करने के पक्ष में हैं, जबकि कर्नाटक इसे 25 लाख और मध्यप्रदेश इसे 10 लाख रुपए करना चाहता है।
आईआईटी-बी पसंदीदा
आईआईटी के विद्यार्थियों के लिए लगातार कुछ वर्षो से आईआईटी- बॉम्बे पहली पसंद बना हुआ है। इस साल भी मेरिट लिस्ट के टॉप-100 विद्यार्थियों में से 54 विद्यार्थियों ने आईआईटी-बी को अपनी पहली प्राथमिकता दी है। आईआईटी-दिल्ली दूसरे स्थान पर रहा। उसे 27 विद्यार्थियों ने अपनी पसंद बताया। वहीं, इस सूची के 10 विद्यार्थियों ने आईआईटी मद्रास को प्राथमिकता दी। चौथे स्थान पर आईआईटी कानपुर रहा।
आईआईटी बॉम्बे की ओर रुझान का यह सिलसिला 2005 से बना हुआ है। उस साल टॉप 100 में से 52 छात्रों ने इस संस्थान को चुना था, जबकि 2006 में ऐसे छात्रों की संख्या 46 हो गई। 2007 में 50 छात्रों ने आईआईटी बॉम्बे को पसंद किया था।