जम्मू/श्रीनगर.
घाटी में भारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को अमरनाथ श्राइन बोर्ड को करीब 40 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरित करने के आदेश को रद्द कर दिया है, लेकिन इस कदम से समूचा जम्मू क्षेत्र सुलग उठा है।
भाजपा व हिंदू संगठनों के जम्मू बंद के दूसरे दिन मंगलवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों में 30 पुलिसकर्मियों समेत करीब 90 लोग घायल हो गए। घायलों में जम्मू के एसपी (उत्तर) भी शामिल हैं। जम्मू के मुट्ठी इलाके में पुलिस फायरिंग में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जम्मू शहर के कुछ स्थानों में कफ्यरू लगा दिया गया है। संभाग के कई स्थानों पर धारा 144 लगा दी गई है। भाजपा ने जम्मू बंद को बुधवार को भी जारी रखने का निर्णय लिया है। पार्टी ने इस मुद्दे पर गुरुवार को राष्ट्रव्यापी बंद का भी आह्वान किया है।
जमीन मामले में कश्मीर घाटी में लगातार आठवें दिन मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहे। इन प्रदर्शनों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए। बडगाम में आंसू गैस का गोला लगने से सत्तर वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। नौगाम में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। श्रीनगर में दिनभर कफ्यरू जैसी स्थिति रही और अनेक अलगाववादी नेताओं को नजरबंद रखा गया।
जम्मू में घमासान :
अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन वापस देने और राज्यपाल एनएन वोहरा को फौरन हटाने की मांग के साथ जम्मू में भाजपा, विहिप और शिवसेना के प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार सुबह से ही नेशनल हाइवे को जगह-जगह जाम कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों व अन्य वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। शहर के जानीपुर, मुट्ठी, बक्शी नगर और नवाबाद इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। शहर में कई जगह आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं। जम्मू के अलावा कठुआ, नगरोटा और उधमपुर में भी जबरदस्त प्रदर्शन हुए हैं। पुलिस को कठुआ, सांबा, रामबन और उधमपुर जिलों समेत जम्मू क्षेत्र के लगभग 27 स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी।
जमीन हस्तांतरण का आदेश रद्द
मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की अध्यक्षता में श्रीनगर में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में श्राइन बोर्ड को जमीन हस्तांतरित करने का आदेश रद्द कर दिया गया। सरकार ने अब यह जमीन पर्यटन विभाग को दे दी है।
तीन जून को दी थी जमीन
यह जमीन तीन जून को बोर्ड के नाम की गई थी। इस भूमि पर तीर्थयात्रियों के लिए अस्थाई शिविर बनाए जाने थे। जमीन हस्तांतरण के वक्त यह तय हुआ था कि भूमि के एवज में बोर्ड सरकार को 2.31 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा। हालांकि इस मामले में कोई लेन-देन नहीं हो पाया था।
पुलिसकर्मियों की पिटाई
जम्मू के मुट्ठी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसवालों की पिटाई कर दी। इसके बाद एक पुलिस कर्मी ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी की भी लोगों ने जमकर पिटाई की, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। हीरानगर में प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेसी सांसद लाल सिंह के साथ धक्का-मुक्की की।
जम्मू से तीर्थयात्रियों का नया जत्था रवाना-बंद के बावजूद जम्मू के आधार शिविर से मंगलवार को 2017 अमरनाथ तीर्थयात्रियों का नया जत्था बालटाल और पहलगाम की ओर रवाना हो गया।
प्रदर्शनों से फंसे तीर्थयात्री :
जम्मू में हो रहे प्रदर्शनों के कारण अमरनाथ और मां वैष्णोदेवी जाने वाले हजारों तीर्थयात्री जगह-जगह फंस गए हैं। बंद के कारण निजी और यात्री वाहनों को चलने नहीं दिया गया। वैष्णोदेवी धाम में लगभग साठ हजार तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।