HomeNewsNational National

देश के चार करोड़ किसान ऋण मुक्त

नई दिल्ली केन्द्र में संप्रग सरकार के वित्त मंत्री का दावा है कि उसका छोटे और सीमांत किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने का कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा है। जून का महीना समाप्त होते ही देश के चार करोड़ किसानों का करीब ७२,000 करोड़ रुपए कर्ज माफ हो गया है।

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को यहां स्टेट बैंक की १क्१ नई शाखाओं का एक साथ उद्घाटन करते हुए दावा किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का ऋणमाफी कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा है। बैंकों ने तय समय सीमा ३क् जून के भीतर सभी छोटे और सीमांत किसानों को ऋण मुक्त कर दिया है।

ये किसान अब बैंक से नया ऋण लेने के फिर से पात्र बन गए हैं। भारतीय स्टेट बैंक के यहां स्थित स्थानीय प्रधान कार्यालय में आयोजित समारोह में वित्त मंत्री ने बैंक की १क्१ शाखाओं का एक साथ उद्घाटन किया और वीडियो कांफ्रें¨सग के जरिए दिल्ली, बडौदा, बैंगलूरु की नई शाखाओं के प्रबंधकों से बातचीत भी की।

उन्होंने इस मौके पर कुछ ऐसे किसानों को नए ऋण के चेक भी प्रदान किए, जिनके ऋण कृषि ऋण माफी योजना के तहत माफ कर दिए गए। उन्होंने महिला स्वंय सहायत समूह. शिक्षा रिण और मेधावी छात्रों को छात्रवृति देने के बैंक की योजना के तहत भी ऋण चेक वितरित किए।

बैंक सेवाओं का विस्तार गांवों में होगा तेज : वित्तमंत्री ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को गांवों और छोटे शहरों में विस्तार करने पर जोर दिया जाएगा। स्टेट बैंक के शाखा विस्तार कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक ने अपने 202 वें स्थापना दिवस पर १क्१ शाखाएं खोली हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि बैंक 202 शाखाएं खोलकर इस मौके को और सार्थक बना सकता था। गांवों और कस्बों में सरकारी क्षेत्र के बैंकों की मांग है। इन इलाकों के लोग अपने क्षेत्र में सरकारी बैंक की शाखा चाहते हैं।

वित्त मंत्री ने बैंकों के शाखा विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि इस समय सरकारी, निजी, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित कुल ७१,४७९ शाखाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि छह लाख गांवों के इस देश में एक लाख बैंक शाखाएं भी कोई बड़ी संख्या नहीं है। स्टेट बैंक के अध्यक्ष ओ.पी. भट्ट ने की बैंक की 101 नई शाखाओं के साथ बैंक की शाखाओं की संख्या १क्४८६ हो गई।

चालू वित्त वर्ष में बैंक 2002 नई शाखाएं खोलेगा, जिनमें से 1000 से अधिक शाखाएं छोटे शहरों और गांवों में खोली जाएंगी। सरकार के वित्तीय समावेश के सपने को साकार करने के लिए स्टेट बैंक ने 2010 तक एक लाख बिना बैंक वाले गांवों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: