Manoranjan
Cinema
Bollywood Bollywood परदे के पीछे.
चवालीस दिन तक चलने वाले क्रिकेट महोत्सव ने खिलाड़ियों को थका दिया है। इस क्रिकेट स्पर्धा में अनेक रिकार्डस बने हैं परंतु अफसोस है कि एक रिश्ता टूटा भी है या टूटने की कगार पर है और उसे बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। मोहाली की युवराज द्वारा संचालित टीम के अधिकार नेस वाडिया और प्रिटी जिंटा के पास थे। इनकी प्रेमकथा कोई तीन वर्ष से चल रही है। क्रिकेट प्रतिस्पर्धा के दरमियान मनमुटाव हो गया है।
लोकप्रिय परंतु आधारहीन अफवाह यह है कि प्रिटी का झुकाव युवराज की तरफ है और बधाई देने के लिए उन्होंने उसे जिस तीव्रता से गले लगाया, उसने नेस वाडिया को विचलित कर दिया। दरअसल वाडिया की पारंपरिक मूल्यों के साथ आधुनिकता को मिलाने वाली फैमली में कुछ लोग प्रारंभ से ही एक अभिनेत्री के बहू बनने के खिलाफ थे और क्रिकेट के बहाने उन्होंने इस रिश्ते पर प्रहार किया है।
दरअसल सलीम अनारकली प्रेम प्रसंग की खिलाफत सत्ता के शिखर पर बैठे मुगले आजम हमेशा करते रहे हैं परंतु धीरूभाई अंबानी ने अनिल-टीना प्रसंग में ऐसा कुछ नहीं किया परंतु जानकारों का कहना है कि भाइयों के बीच दरार उसी वक्त पड़ चुकी थी।
नेस वाडिया के विषय में जानकारी प्राप्त नहीं है परंतु प्रिटी जिंटा एक ऐसी महिला है जो अपनी वैचारिक स्वतंत्रता कभी नहीं छोड़ सकती। वह प्यार का त्याग कर सकती है परंतु विचार की स्वतंत्रता कभी नहीं छोड़ सकती। वह सचमुच में इक्कीसवीं सदी की साफ-सुथरी स्वतंत्र महिला है। वह अपने जीवन मूल्यों से कभी समझौता नहीं कर सकती। कुंदन शाह की प्रिटी जिंटा अभिनीत फिल्म ‘क्या कहना?’ सचमुच में उसके स्वभाव का परिचय देती है।
ऐसा लगता है कि विगत समय में वह स्वयं को शादी के लिए तैयार कर रही थी और इसीलिए फिल्में अनुबंधित नहीं कर रही थी। अब अगर प्रेम संबंध टूटता है तब उसकी बड़ी कीमत उसे अदा करनी पड़ सकती है। अब मोहाली की टीम का मालिक कौन है। नेस प्रिटी को उसके आगामी लाभ का हिस्सा देने में समर्थ है परंतु प्रिटी यह नहीं कर सकती। सुना है कि अनिल अंबानी बेकरार हैं इस व्यवसाय में आने के लिए। अंबानी परिवार वाडिया व्यवसाय संकुल को पहले भी परास्त कर चुका है।