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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. कोरबा सम्मेलन में मारपीट के बाद कांग्रेस की राजनीति थमती नजर नहीं आ रही है। जिला कांग्रेस द्वारा भेजी गई रिपोर्ट गोलमोल है। इसमें किसी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय लोगों को बचाने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि पीसीसी ने अपने स्तर पर मामले का पता लगाने का फैसला किया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्यारेलाल कंवर की जांच रिपोर्ट कल ही शाम को ही पीसीसी को मिली। इस रिपोर्ट की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू, कार्यकारी अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा, चरणदास महंत और नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा ने समीक्षा की।
जिला कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट में घटना का ब्योरा दिया है, पेपर की कतरनें लगाई हैं और एक सीडी तैयार करके दी है। पर उसमें घटना के लिए दोषी व्यक्तियों का कोई उल्लेख नहीं है। जांच अधिकारी ने किसी प्रकार की अनुशंसा भी नहीं की है।
चारों नेताओं ने महसूस किया कि जांच रिपोर्ट पर्याप्त नहीं है। इस कारण घटना के संबंध में और भी तथ्य जुटाना पड़ेगा। दोनों अध्यक्षों के अलावा जिले दोनों विधायकों से भी राय लेने पर सहमति बनी। सभी से जल्द ही रायपुर आने के लिए कहा गया है। पीसीसी के पदाधिकारी वहां पर मौजूद थे, इस कारण उनको जांच रिपोर्ट में और भी बहुत कुछ मिलने की उम्मीद थी।
उल्लेखनीय है कि सम्मेलन के दौरान नारेबाजी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और कार्यकारी अध्यक्ष चरणदास महंत के समर्थकों में जमकर मारपीट हुई। गालीगलौज के अलावा एक दूसरे पक्ष पर कुर्सियां उछालकर फेंकी र्गई। यह घटना प्रदेश प्रभारी वी नारायणसामी और तीनों अध्यक्षों के सामने हुई। चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व ने इस मामले में श्री सामी से रिपोर्ट मांगी है।
सबसे बात करेंगे : धनेंद्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने बताया कि जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और घटना में शामिल दोनों पक्ष के लोगों को रायपुर बुलाया गया है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुभाष शर्मा से कहा गया है कि सबको यहां आने की सूचना दे दी जाए।