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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. नक्सली नेता नारायण सान्याल और विनायक सेन के साथ पीयूष को आज कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया। परिसर में पति से मुलाकात में रुकावट बने सिपाहियों और अफसरों से डा. इलिना सेन का जमकर विवाद हुआ। किसी तरह मामला शांत कराया गया।
इलेवंथ एडीजे बीएस सलूजा की कोर्ट इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ। गवाहों के बयान होने के बाद डा. सेन ने अपनी पत्नी से बात करने कोर्ट से अनुमति मांगी।
जज श्री सलूजा ने सिपाहियों को निर्देश दिए कि उन्हें बाहर ले जाकर वाहन में इलिना सेन से बात कराएं। कोर्ट से निकलकर जब इलिना डा. सेन से बात करने लगी, तब सिपाहियों ने उन्हें रोक दिया। इस पर इलिना ने जवानों को कुछ अपशब्द कहे। इस पर वहां मौजूद उरला के टीआई बीएस जागृत, टीआई आरके दुबे व सीएसपी बीपीएस राजपूत भी भड़क गए। परिसर में दस मिनट तक गहमागहमी का माहौल बन गया। डा. सेन के वकील महेंद्र दुबे ने बीचबचाव कर गरम हो रहे माहौल को संभालने की कोशिश की।
पेश होंगे आठ गवाह
चार दिन के दूसरे दौर के ट्रायल के दौरान आठ गवाहों की सुनी जाएगी। आज कोर्ट में दो गवाह पेश हुए। पीयूश गुहा के वकील एसके फरहान ने बताया कि ट्रायल के दौरान पहले गवाह सीएसईबी के कंप्यूटर आपरेटर दीपक चौबे ने 2005 में डा. विनायक सेन के कहने पर दौलत स्टेट डगनिया में नारायण सान्याल को 1500 रुपए माहवार पर अपने ससुर का मकान किराए से दिया था। इस मकान में नारायण सान्याल अनिता श्रीवास्तव नाम की लड़की के साथ रहता था।
आंध्रप्रदेश पुलिस जब नारायण सान्याल को पकड़ कर ले गई तो उसे पता चला कि वह नक्सली है। दूसरे गवाह विवेकानंद स्कूल के प्रिंसपल मनीष डागा ने गवाही के दौरान बताया कि अमिता श्रीवास्तव सात माह तक उनके स्कूल में टीचर के रूप में कार्यरत थी। गवाही के दौरान ही मनीष ने जेब से स्कूल में समारोह के दौरान अमिता की ग्रुप फोटो भी निकालकर कोर्ट को दिया।
बुधवार को बलराम मोती व प्रकश मगारिया की गवाही होगी। डा. सेन की पेशी होने के कारण इलेवंथ एडीजे का कोर्ट खचाखच भर गया। जहां सरकारी वकील के रूप में टीसी पंड्या खड़े हुए वहीं आरोपियों की ओर से वकीलों की फौज थी। इसमें पटना हाईकोर्ट से अंजना प्रकाश, बिलासपुर हाईकोर्ट से महेंद्र दुबे, भीष्म किंगर सेशन कोर्ट से एसके फरहान व उनके जूनियर केस के दौरान पूरे समय उपस्थित रहे।