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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायगढ़.
सारंगढ़ अंचल में नकली नोट छापकर खपाने वाले एक गिरोह को पकड़ने पुलिस को सफलता मिली है। मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ टीआई हेमप्रकाश नायक को लगातार सूचना मिल रही थी कि अंचल में नकली नोट छापे व खपाए जा रहे हैं। उन्होंने मुखबिरों का जब जाल बिछाया, तो ग्राम ताड़ीपारा निवासी शिव कुमार जायसवाल की भूमिका संदेह के दायरे में आई। तब श्री नायक ने एक मुखबिर को ग्राहक बनाकर शिव कुमार के पास नकली नोट का सौदा करने के लिए भेजा।
यह योजना सफल हुई और शिव कुमार ने डेढ़ लाख के असली नोट के बदले 3 लाख रुपए के नकली नोट देने की बात कही। मुखबिर ने शिव कुमार से सारंगढ़ में आकर सौदा करने की बात कही। पहले तो शिव राजी हो गया, पर ऐन वक्त पर उसने सारंगढ़ की जगह रायगढ़ के एक होटल में डिलिवरी देने की बात कही।
योजना में परिवर्तन होते ही श्री नायक ने रणनीति बदलते हुए उच्चधिकारियों को सूचना देकर क्राइम ब्रांच की मदद ली। कल शिव कुमार ने मुखबिर को रामनिवास टाकिज चौक स्थित एक होटल के 211 नंबर कमरे में 1 लाख रुपए पहुंचाने को कहा। पुलिस की योजना के मुताबिक मुखबिर होटल गया व गिरोह से मिलने के बाद पुलिस को इशारा किया। जिस पर पुलिस ने कमरे में छापामार कार्रवाई की।
पुलिस को वहां शिवकुमार के साथ उसी के गांव का विष्णु प्रसाद जांगड़े मिला, जो गिरोह का सरगना है। पोलियोग्रस्त विष्णु एमसीए-डीसीए पास है व कंप्यूटर में दक्ष है। वही नोट छपाई करता था व उन नोटों को खपाने का काम शिव कुमार का था।
पुलिस को कमरे से कंप्यूटर सेट, कलर प्रिंटर, स्केनर के साथ 500 के छपे हुए 100 नोट व 100 के नोट एक तरफ छपे हुए मिले। इस गिरोह का एक अन्य साथी भी है, जो फरार है।
दो दिनों में दूसरी घटना
संभाग में दो दिनों के दौरान नकली नोट मिलने की यह दूसरी घटना है। उल्लेखनीय है कि 30 जून को चांपा पुलिस ने नकली नोट बनाने व खपाने वाले 3 लोगों को पकड़कर नकली नोट, प्रिंटर व स्याही जब्त की थी। उनसे 4 लाख 62 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए थे।