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उर्स जायरीनों को रोकने की चेतावनी

जयपुर.ursh विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल ने अमरनाथ यात्रियों के मुद्दे पर उर्स और हज यात्रियों को रोकने की चेतावनी दी है। इन संगठनों ने जम्मू-कश्मीर सरकार के श्राइन बोर्ड की जमीन छोड़ने के निर्णय और अमरनाथ यात्रियों से र्दुव्‍यवहार को लेकर 3 जुलाई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इससे पहले दो जुलाई को सभी जिला मुख्यालयों पर वाहन रैलियां निकाली जाएंगी।

विहिप के क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री जुगल किशोर व बजरंग दल के प्रदेश संयोजक महेंद्र मीणा ने पत्रकार सम्मेलन में यह जानकारी दी। पहले दी गई जमीन श्राइन बोर्ड को वापस करने, जम्मू-कश्मीर सरकार को बर्खास्त करने और कश्मीर को सेना के हवाले करने की मांग करते हुए विहिप ने कहा कि अगर अमरनाथ यात्रियों को रोका गया तो उर्स में अजमेर शरीफ आने वाले और हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को भी रोका जाएगा। उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा रुकने से करीब 35 हजार यात्री फंसे हुए हैं।

राजस्थान में भी हड़ताल
भारतीय जनता पार्टी ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से 3 जुलाई को आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की कांग्रेस नीत सरकार के इस फैसले से अलगाववादी ताकतों का मनोबल बढ़ेगा। जमीन को छोड़ने के निर्णय से देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक लाहोटी ने भारत बंद को समर्थन की घोषणा की है।

‘जायरीन को रोकें नहीं, सम्मान करें’अजमेर. दरगाह शरीफ के खादिमों ने विश्व हिंदू परिषद द्वारा ख्वाजा साहब के उर्स में आने वाले जायरीन को रोकने की धमकी को गलत बताया है। उनका कहना है कि गरीब नवाज ने वसुधैव कुटुम्बकम की तालीम दी है। उनके उर्स में सभी धर्र्मो के लोग शामिल होते हैं। ऐसे में उर्स में शामिल होने आने वाले जायरीन को रोकने की बजाय उनकी आवभगत की जानी चाहिए।

अंजुमन सैयद जादगान के सदर सैयद गुलाम किबरिया चिश्ती ने कहा कि अमरनाथ की तीर्थयात्रा हो या दरगाह जियारत, तीर्थयात्रा के लिए जो भी लोग जा रहे हैं, इंसानी फरीजा है कि उन लोगों की आवभगत की जाए, इज्जत दी जाए और उनकी हर तरह से मदद की जाए। यात्रा के दौरान उनका पूरा ख्याल रखें।

गलत है कटुता
अंजुमन के नायब सदर सैयद इकबाल चिश्ती ने कहा कि श्राइन बोर्ड के मामले में कश्मीर में जो भी कुछ हो रहा है, इसे सांप्रदायिक रंग नहीं देना चाहिए। हिंदू या इस्लाम धर्म इंसानों में कटुता फैलाने की इजाजत नहीं देता। जो लोग उर्स में आने वाले जायरीन को रोकने की बात कर रहे हैं, वो गलत है। उन्हें इस पर शांतिपूर्वक विचार करना चाहिए।





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