अजमेर. सेना में नौकरी के लिए भी दो युवक जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करने से नहीं चूके। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दस्तावेज जाली करार दिए हैं। बोर्ड प्रशासन ने सैन्य अधिकारियों को पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की है।
बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मधुबन स्थित मिलट्री के कमांडेंट ने पिछले दिनों बोर्ड को दो आवेदकों के दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे। सुरेन्द्र कुमार पुत्र अतार सिंह ने नौकरी के लिए किए आवेदन के साथ राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं कला वर्ग 1983 का फस्र्ट डिवीजन में पास होने का प्रमाण पत्र पेश किया।
प्रमाण पत्र पर रोल नंबर 478312 अंकित था। बोर्ड द्वारा की गई जांच में पता चला कि उपरोक्त रोल नंबर बोर्ड ने किसी को आवंटित ही नहीं किया था।
इसी प्रकार सुभाष चंद पुत्र हरनंद ने दसवीं कला वर्ग 1982 का सेकंड डिवीजन में पास होने का प्रमाण पत्र नत्थी किया, जिस पर रोल नंबर 124727 अंकित था।
जांच में यह रोल नंबर भी जाली पाया गया। बोर्ड ने कमांडेंट को दोनों दस्तावेज जाली ठहराते हुए सिफारिश की है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराकर बोर्ड को सूचित करें।