अजमेर. राजस्थान म्यूनिसिपल सेवा के अफसर अपने ही घर में बेगाने हो गए हैं। राज्य में हाल ही में हुए तबादलों में सरकार ने बीस निकायों में कैडर पदों पर आरएमएस की जगह आरएएस अफसरों को पदास्थापित कर दिया है। नतीजतन आरएमएस अफसरों को अब फिर उन्हीं पदों पर काम करना होगा, जहां से वे पदोन्नत हो चुके हैं।
राज्य की म्यूनिसिपल सेवा के अफसर आरएएस के पदस्थापन का दंश हालांकि लंबे अर्से से भुगत रहे हैं। हाल ही में जारी तबादला सूचियों में तो आरएएस अफसरों का पदस्थापन नगर निगम व नगर परिषद से हट कर चतुर्थ श्रेणी स्तर की नगर पालिकाओं में आयुक्त के रूप में कर दिया है। हैरत की बात है कि इस श्रेणी की पालिकाओं में चतुर्थ कैडर के अधिशासी अधिकारी लगते रहे हैं।
शर्मसार दोनों हैं
तबादला सूची में निकायों में अधिशासी अधिकारी व कमिश्नर पदों पर आरएमएस के स्थान पर आरएएस अफसरों की नियुक्ति से दोनों वर्ग के अफसर शर्मसार हैं। आरएमएम सेवा के राम सिंह पालावत, भीमचंद, ताराचंद गौसाई, अब्दुल रज्जाक तथा महेन्द्र सिंह ऐसे अफसर हैं।
जिन्हें कमिश्नर पदों पर पदोन्नत होने के बाद अब अधिशासी अधिकारी व सचिव के पदों पर काम करना पड़ेगा। आरएएस अफसरों की स्थिति भी आरएमएस सेवा के अफसरों से अधिक बेहतर नहीं है। अब इन्हें चतुर्थ कैडर में शामिल पालिकाओं में पदस्थापित रह कर काम करना होगा। इनमें कुछ पालिकाएं तो ऐसी हैं, जिनमें अधिशासी अफसरों के पदों पर लिपिक व चतुर्थ कैडर के ईओ काम करते आए हैं।
पहले की स्थिति
अब तक जयपुर नगर निगम में छह, बीकानेर में दो, कोटा व जोधपुर में तीन-तीन, अलवर, अजमेर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, झालावाड़, पुष्कर, भरतपुर तथा नाथद्वारा में एक-एक आरएएस अफसर पदस्थापित रहे हैं।
नई सूची
नई तबादला सूची के तहत अब बहरोड़, बूंदी, नवलगढ़, सीकर, भीलवाड़ा, पाली, चित्तौड़, सवाईमाधोपुर, किशनगढ़, हनुमानगढ़ तथा बांसवाड़ा समेत कुल बीस निकायों में आरएमएस अफसरों के स्थान पर आरएएस लगा दिए हैं।
यह भी है गड़बड़ी
तबादला सूचियों में मोहनचंद्र बंसल तथा ओमप्रकाश गुप्ता के जयपुर नगर निगम में कमिश्नर पदों पर पदस्थापन ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है। ये दोनों क्रमश: ईओ व आरओ (राजस्व अधिकारी) स्तर के हैं।
सरकार की आरएमएस सेवा के कैडर पदों पर आरएएस अफसरों की नियुक्ति से विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे तो आरएमएस सेवा के कैडर ही समाप्त हो जाएंगे। मेरे पास राज्य भर से आरएमएस अफसरों के फोन आ रहे हैंै। परिषद के पदाधिकारी इस संबंध में शीघ्र ही बातचीत कर कार्रवाई करेंगे। विभागीय मंत्री व सीएम से मुलाकात कर समस्या रखी जाएगी।
-चन्द्रशेखर शर्मा, अध्यक्ष, राजस्थान नगर पालिका सेवा परिषद
फैक्ट फाइल
राज्य में तीन नगर निगम, 11 नगर परिषद व 183 नगर पालिकाएं हैं, जिनमें 44 द्वितीय की, 63 तृतीय की तथा 62 नगर पालिकाएं चतुर्थ कैडर अधिशासी अधिकारी की हैं। म्यूनिसिपल सेवा के सभी ईओ लोक सेवा आयोग से चयनित हैं।
राजस्थान नगर पालिका सेवा नियम 1963 के नियम 7 व धारा 307 के अनुसार निकाय जिस कैडर का है, वहां उसी कैडर के अफसर का पदस्थापन किया जा सकता है। ऐसे नियमों को विधानसभा में संशोधन के जरिए ही बदला जा सकता है, जबकि सरकार ने इस तबादला सूची के जरिए नियमों को धता बता दी है।