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नेताओं की चाहत, कोटा में मकान

कोटा. house आवासन मंडल इन दिनों प्रदेश के पचास वर्तमान व पूर्व सांसदों और विधायकों को मकान उपलब्ध कराने के लिए जमीन ढूंढ रहा है। इसके लिए नगर विकास न्यास से भी जमीन मांगी गई, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली।

राज्य सरकार ने वर्ष 2006 में वर्तमान व पूर्व विधायकों-सांसदों के लिए मकान आबंटित करने के लिए पंजीकरण योजना शुरू की थी। इसमें पचास से अधिक जनप्रतिनिधियों ने यहां पंजीकरण कराया। इनके लिए मकान दिलाने के लिए आवासन मंडल ने पहले तो अपनी योजनाओं में जमीन तलाश की, लेकिन जमीन नहीं मिलने पर नगर विकास न्यास के यहां दस्तक दी।

न्यास मंडल को जमीन देने पर सहमत भी हो गया। सुभाषनगर में जमीन भी दिखा दी गई, लेकिन इसमें वन विभाग का विवाद होने से जमीन मिलने से पहले ही रुक गई। इस पर न्यास ने मंडल अधिकारियों को स्वामी विवेकानंद नगर में जमीन देने का भरोसा दिलाया, जमीन भी दिखाई गई, सहमति भी बनी लेकिन, बाद में यह सहमति ठंडे बस्ते में चली गई। अब ये विधायक व सांसद मकान के लिए पिछले दो वर्ष से इंतजार कर रहे हैं।

जहां सूची मांगी वहीं विवाद हो गया
आवासन मंडल ने नई योजनाओं के लिए समय-समय पर राज्य सरकार से जमीन मांगी। इस पर सहमति भी बनी, लेकिन विवाद और राजनीतिक दखल के कारण जमीन नहीं मिली। आवासन मंडल ने दस वर्ष पहले बूंदी रोड पर साढ़े चार सौ बीघा जमीन देखी और अपने नाम आबंटित करने के लिए प्रशासन को लिख दिया। इस पर सहमति भी बन गई, लेकिन राजनीतिक दखल के कारण जमीन नहीं मिली।

इस जमीन पर आज निजी कॉलोनियां विकसित हो रही है। इसी प्रकार चार वर्ष पहले बारां रोड पर 2600 बीघा जमीन का प्रस्ताव बना, अधिसूचना भी जारी हो गई, लेकिन राजनीतिक दखल से इसका आबंटन भी रुक गया। यहां भी आज निजी कॉलोनियां विकसित हो रही है। इसके बाद आवासन मंडल ने रानपुर के पास जमीन देखकर आवंटन के लिए प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन इस जमीन को आईआईटी के लिए नगर विकास न्यास ने ले लिया।

रजिस्ट्रेशन स्थानांतरित करवाए
कोटा में मकान मिलने की उम्मीद समाप्त होती देखकर 11 सांसद-विधायकों ने अपने रजिस्ट्रेशन ही यहां से स्थानांतरित करवा लिए। इनमें हीरालाल, बनवारीलाल बैरवा, नवरतन राजौरिया, गोविंद सहाय, हरिशंकर भाभड़ा, कन्हैयालाल पाटीदार, बाबूलाल वर्मा, ममता शर्मा, प्रभुलाल सैनी, हरिमोहन शर्मा, प्रेमसिंह बाजोड़ शामिल हैं। इनमें अधिकतर ने अपने रजिस्ट्रेशन भिवाड़ी में स्थानांतरित करवाए हैं।

365 पुराने रजिस्ट्रेशन
सांसदों-विधायकों के अतिरिक्त आवासन मंडल के पास 365 ऐसे रजिस्ट्रेशन हैं, जो वर्र्षो से मकान के इंतजार में हैं। इनके लिए मकान बनाने की भी मंडल के पास जगह नहीं है।

काफी लंबी है फेहरिस्त
भंवरलाल जोशी, दयाकृष्ण विजय, हाजी कय्यूम खान, प्रमोद जैन भाया, युनूस खान, निर्भयलाल यादव, श्रीमती जकिया, लक्ष्मण तानीवाल, शिवचरणसिंह, पृथ्वीसिंह, स्नेहलता, नरेन्द्र नागर, ललितकिशोर चतुर्वेदी, प्रभुलाल वर्मा, मानसिंह चौहान, भरतसिंह, प्रहलाद गुंजल, जगमोहनसिंह, माहिर आजाद, श्रवणलाल, रेवतीप्रसाद कोली, रामस्वरूप कोली, मांगीलाल मेघवाल, नरेन्द्र कंवर, हंसराज शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, औंकारलाल चौहान, गोकुलचंद शर्मा, शिवराम शर्मा, मदनलाल वर्मा, गोपाल धोबी, बंशीलाल गहलोत, बंशीलाल खटीक, भैरुलाल मीणा, निर्मल कुमार सकलेचा, कन्हैयालाल मीणा, औंकारसिंह लखावत, देवीलाल, प्रेमसिंह दहिया, रामस्वरूप मीणा, उदयलाल आंजना, ईश्वरचंद, हुकमाराम, मदन महाराजा, नफीस अहमद, ज्वालाप्रसाद शर्मा, प्रभुलाल शर्मा, रामप्रसाद, चुन्नीलाल जैलिया व दीपचंद राठौड़ शामिल हैं।





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