भोपाल. ‘मेरा देश मेरा जीवन’ पुस्तक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी के जीवन की छोटी-बड़ी घटनाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ना, विभाजन की पीड़ा, अटलबिहारी वाजपेयी से मुलाकात, इमरजेंसी, अयोध्या कांड, रथ यात्रा, उप-प्रधानमंत्री, कारगिल, आगरा शिखरवार्ता और जिन्ना को लेकर अपनी टिप्पणी से उपजे विवाद से जुड़ी घटनाओं का समावेश पुस्तक में है।
लालकृष्ण आडवाणी की पुस्तक का भोपाल में लोकार्पण होने के बाद हिंदी संस्करण की मांग बढ़ी है। लैंडमार्क बुक स्टोर के संचालक मनीष गुप्ता ने कहा कि पिछले तीन महीनों के दौरान अंग्रेजी में इस पुस्तक की 50 कापियां बिक चुकी थीं, पर सोमवार को हिन्दी में पुस्तक के लोकार्पण के बाद मांग बढ़ गई है। मंगलवार को लगभग 50 प्रतियां हाथोहाथ बिकीं।
स्कूल, कॉलेजों से भी मांग: इस पुस्तक के लिए मंगलवार को स्कूल और कॉलेजों से भी आर्डर आए। हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में यह पुस्तक मंगवाई गई है। पुस्तक को खरीदने वाले ज्यादातर लोग 40 वर्ष से अधिक की आयु के थे।
राजनीति और सरकारी विभागों के अफसरों के अलावा कुछ निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों ने भी यह पुस्तक खरीदी। लैंडमार्क स्टोर से इस पुस्तक को खरीद रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर विजय श्रीवास्तव ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के अतीत को पढ़ने की इच्छा थी इसलिए पुस्तक खरीदी।
अंग्रेजी संस्करण की ज्यादा मांग: लायल बुक डिपो से मिली जानकारी के मुताबिक इस पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण की ज्यादा मांग रही। यहां फिलहाल हिन्दी में इस पुस्तक की मांग नहीं आई। स्टोर से अंग्रेजी में इस पुस्तक की लगभग 150 प्रतियां बिक चुकी हैं।
दूसरी ओर अवनि बुक स्टोर के संचालक संजय जैन ने बताया कि हिन्दी में पुस्तक उपलब्ध होने से मंगलवार को मेरा देश मेरा जीवन की मांग बढ़ गई। मंगलवार को इस पुस्तक की 15 प्रतियां खरीदी गईं। अंग्रेजी में भी इस पुस्तक की लगभग 30 प्रतियां बिक चुकी हैं।