भोपाल. बस आपरेटरों के अनुसार मुख्यमंत्री से बीस प्रतिशत किराया बढ़ाने के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ली गई है। हालांकि बसों का संचालन दोपहर दो बजे से शुरू हो गया था, लेकिन हड़ताल खत्म होने की सूचना नहीं होने से मंगलवार को भी दिन में यात्री परेशान होते रहे। शाम को उन्हें राहत मिल सकी।
यात्री किराया में बढ़ोतरी किए जाने की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आश्वासन के बाद बसों की हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। बस आपरेटरों ने बताया कि मुख्यमंत्री 20 प्रतिशत किराया बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
बसों का संचालन दो बजे के बाद से शुरू हुआ, लेकिन अधिकतर यात्रियों को हड़ताल समाप्त होने की सूचना नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मामले में परिवहन मंत्री हिम्मत कोठारी ने भी मध्यस्थता की।
बीते दो दिनों से चली आ रही बसों की हड़ताल समाप्त होने की भूमिका सोमवार की रात ही तैयार हो गई थी, जब कुछ प्रमुख बस आपरेटर परिवहन मंत्री से मिले। परिवहन मंत्री ने रात में ही बस आपरेटरों की बात मुख्यमंत्री से कराई। इसके बाद मंगलवार को दोपहर बारह बजे बस आपरेटर श्री कोठारी से उनके बंगले पर मिले और उन्हें अपनी समस्याएं बतरई।
परिवहन मंत्री के साथ बस आपरेटर दोपहर डेढ़ बजे मुख्यमंत्री से उनके निवास पर मिलने गए। बस आपरेटरों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बस आपरेटरों की किराया बढ़ाने की मांग को मानते हुए बीस प्रतिशत किराए में वृद्धि किए जाने पर सहमति जताई। इसके बाद दो बजे बसों का संचालन शुरू हो गया।
इसके अलावा बस आपरेटरों की अन्य मांगें भी मुख्यमंत्री ने मानीं। मुख्यमंत्री से मिलने वाले बस आपरेटरों में मोहन अग्रवाल, दीपक वर्मा, पप्पू खान, आबिद खान, श्यामसुंदर शर्मा व मुन्ने मियां शामिल थे।
>> आपरेटरों की जो मांगें मानी गई हैं वे लगभग वही हैं जो परिवहन मंत्री ने अपील में कहा था। मेरी जानकारी के अनुसार सीएम ने बस आपरेटरों को किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया है किराया कितना बढ़ाया जाएगा इस बारे में बात नहीं हुई है।
एनके त्रिपाठी, परिवहन आयुक्त
इन मांगों पर आश्वासन
यात्री किराए में बीस प्रतिशत वृद्धि की गई।
किराया बोर्ड का गठन होगा, ईधन के मूल्य में वृद्धि के अनुसार किराए में वृद्धि करेगा।
टैक्स में बढ़ाए गए प्रभार की समीक्षा की जाएगी।
अनुबंधित बसों को एक अगस्त से स्थाई परमिट दिए जाएंगे।
यह थी बस आपरेटरों की मांगें
यात्री किराए में पचास प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए।
त्रिस्तरीय कर प्रणाली में सुधार किए जाएं।
अनुबंधित बस आपरेटरों को स्थाई परमिट दिए जाएं।
बस-ट्रेनों में रही भीड़, यात्री हुए परेशान
बस आपरेटरों की हड़ताल समाप्ति की सूचना शाम तक यात्रियों को नहीं मिल सकी, जिससे ट्रेनों में भीड़ रही। शाम तक बस सेवा पूरी तरह से बहाल हो गई।