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छह नए कॉलेजों की सौगात

भोपाल. प्रदेश में इस सत्र से 17 नए इंजीनियरिंग कालेजों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की अनुमति मिल गई है। इनमें से भोपाल में छह नए कालेज खुले हैं। इन नए कालेजों से बीई पाठ्यक्रम की प्रदेश में अब 4080 सीटें बढ़ गई हैं। इन सभी कालेजों में इसी सत्र से प्रवेश हो सकेंगे। परिषद की सख्ती के चलते 51 कालेजों के आवेदन निरस्त किए गए हैं।

एआईसीटीई के दिल्ली मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बार मान्यता देने में काफी सख्ती बरती गई है। जिसका नतीजा रहा कि नए कालेजों के लिए आए 70 आवेदनों में से कुल 17 ही तय मापदंडों के अनुरूप पाए गए।

तय किए गए मापदंडों को 100 प्रतिशत पूरा करने वाले कालेजों का ही चयन किया गया है, जबकि अभी तक कुछ कमियों को दो महीने में पूरा करने की शर्त पर अनुमति दे दी जाती थी। सख्ती का नतीजा यह रहा कि नए खुले कालेजों में जमीन, भवन, फेकल्टी, प्राचार्य, संबंधित उपकरण, अधोसंरचना और पूर्ण सुसज्ज्ति कार्यशाला मौजूद है।

सूत्र बताते हैं कि बीई के लिए तय 4300 वर्ग मीटर से जरा भी कम भूमि होने पर आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। बताया गया कि एआईसीटीई की निरीक्षण समिति ने सभी आवेदनों में से कुल 51 का निरीक्षण किया था।

निरीक्षण किए गए कालेजों में से अभी भोपाल के दो कालेजों के दस्तावेज अंतिम परीक्षण के दौर में हैं। जिन्हे पूरा पाए जाने पर इस सत्र की अनुमति में शामिल किया जा सकता है। इस सत्र के लिए की जाने वाली कांउसिलिंग में यह सभी कालेज शामिल किए जाएंगे।

पीछे रह गए पुराने समूह.. एआईसीटीई द्वारा की गई सख्ती के चलते इस बार कई स्थापित समूहों के कालेजों को अनुमति नहीं मिल पाई है। कुल चार पुराने समूह ही इस बार नये कालेज खोल पाने में सफल हुए हैं, जबकि नौ नये समूहों ने इस क्षेत्र में कदम रखा है।

ब्रांच में भी बदलाव.. तकनीकी शिक्षा के बदलते रुझान का असर इस बार खुले कालेजों की ब्रांचों में साफ नजर आया है। कालेजों ने हर बार की परंपरा को बदलते हुए मेकेनिकल और सिविल ब्रांच में रुचि दिखाई है। इसके साथ कंप्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रानिक्स और इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रानिक्स ब्रांच भी ली गई हैं। हर नये कालेज को चार ब्रांचों के साथ कुल 240 सीटें दी गई हैं।

कहां कितने नये कालेज
भोपाल- छह कालेज- एस्सारजी, आईस्काम, पाटीदार, बंसल, जायरा एजुकेशन सोसायटी और टीआईटी समूह
इंदौर- एक- संघवी समूह
जबलपुर- चार - दो ओरिएंटल, एक एलएनसीटी, एक चौधरी युवा शक्ति
उज्जैन- दो कालेज- दोनो नये समूह
ग्वालियर- दो- एक एलएनसीटी, एक नया समूह
सागर- एक - लिटिल स्टार समूह
देवास- एक- ठाकुर राम रती समूह

>> इस बार नियमों के पालन में काफी सख्ती बरती गई है। इसी वजह से कम कालेज ही पूरी तरह मापदंडों के अनुरूप पाए गए हैं।
डा संजय शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, एआईसीटीई





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