भोपाल.
दिनभर गर्मी और उमस के बाद शाम को तेज बारिश ने मौसम को खुशगवार बना दिया, लेकिन राजधानीवासी अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कम से कम एक सप्ताह तक तेज बारिश की संभावना नहीं है।
मंगलवार को रोजाना की तरह आसमान पर बादल छाए हुए थे। सूरज और बादलों के बीच चले लुका-छिपी के खेल के बीच लोग उमस से परेशान थे। पसीना पोंछते लोगों को शाम को आई बारिश की तेज झड़ी ने कुछ राहत दी।
शाम पांच बजे से आठ बजे के बीच अलग-अलग इलाकों में थोड़ी-थोड़ी देर के लिए वर्षा हुई। कुछ देर के लिए सड़कों पर पानी जमा हो गया, लेकिन बारिश थमते ही बह गया। शाम को हुई इस बारिश के बावजूद लोग अब भी तेज बारिश के लिए तरस रहे हैं।
जून में मानसून आने से पहले ही राजधानी में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों को उम्मीद थी कि तेज बारिश होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वैज्ञानिकों के अनुसार आसमान पर बादल तो छाए हुए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी मप्र पर मौजूद कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है और फिलहाल कोई नया सिस्टम भी मौजूद नहीं है। बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में भी अभी कोई मजबूत सिस्टम बनता नजर नहीं आ रहा। इसका अर्थ यह हुआ कि अगले कम से कम एक सप्ताह तक तो तेज बारिश नहीं होगी।
>> फिलहाल तेज बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन आगे अच्छी बारिश हो सकती है। डा. डीपी दुबे, निदेशक, क्षेत्रीय मौसम केंद्र
जुलाई की खास बातें अब तक का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस (12 जुलाई, 1966) अधिकतम मासिक वर्षा 1031.4 मिमी (1986) न्यूनतम मासिक वर्षा 35.8 मिमी (2002) 24 घंटे में अधिकतम वर्षा 275.7 मिमी (22 जुलाई 1973) जुलाई की औसत बारिश 428.5 मिमी (औसतन 16 दिन बारिश) इस साल जून में हुई कुल बारिश 152.5 मिमी (सामान्य से 21.7 मिमी अधिक)
दस सालों में जुलाई में बारिश (मिमी) 1998 : 356.4 1999 : 340.6 2000 : 568.7 2001 : 288.3 2002 : 35.8 2003 : 464.3 2004 : 238.6 2005 : 604.4 2006 : 311.2 2007 : 420.8